छत्तीसगढ़

मनेंद्रगढ़ में मादा भालू और दो शावकों का सफल रेस्क्यू, कानन पेंडारी भेजने की तैयारी, इलाके में राहत

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : मनेंद्रगढ़ में मादा भालू और उसके दो शावकों का सफल रेस्क्यू किया गया है। कई घंटों तक चले इस ऑपरेशन के बाद वन विभाग ने तीनों को सुरक्षित पकड़ लिया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू किए गए भालुओं को अब बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी भेजने की तैयारी की जा रही है।

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बुधवार को मनेंद्रगढ़ में वन विभाग ने मादा भालू और उसके दो शावकों का रेस्क्यू किया। रिंग रोड स्थित होटल हसदेव इन के पास लगाए गए पिंजरे में सबसे पहले दोनों शावक फंस गए। बच्चों को पिंजरे में कैद देख मादा भालू आक्रामक हो गई और आसपास काफी देर तक मंडराती रही।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने मुनादी कराकर लोगों को घरों के अंदर रहने की हिदायत दी। कई घंटों की मशक्कत के बाद रेस्ट हाउस के पास मादा भालू को दवा देकर बेहोश किया गया और फिर उसे भी सुरक्षित पिंजरे में शिफ्ट किया गया।

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दरअसल, बीते तीन महीनों से मादा भालू अपने बच्चों के साथ रिहायशी इलाकों में घूम रही थी। हाल ही में एक बुजुर्ग और एक बच्चे पर हुए हमले के बाद वन विभाग ने विशेषज्ञों की टीम बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था।इस संयुक्त ऑपरेशन में कानन पेंडारी बिलासपुर से डॉ. चंदन, एलिफेंट रेस्क्यू सेंटर रमकोला से डॉ. अजीत पांडेय और मनेंद्रगढ़ वन विभाग की टीम शामिल रही। फिलहाल तीनों भालुओं को निगरानी में रखा गया है और जल्द ही उन्हें कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क, बिलासपुर भेजा जाएगा।भालुओं के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद इलाके में दहशत का माहौल खत्म हुआ है और लोगों ने राहत महसूस की है।

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