प्रदेश में बढ़ी शीतलहर की मार, बिलासपुर समेत कई जिलों में कड़ाके की ठंड

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – प्रदेश में ठंड लगातार बढ़ती जा रही है। छत्तीसगढ़ के उत्तरी इलाकों के साथ-साथ अब बिलासपुर और आसपास के जिलों में भी शीतलहर का असर साफ नजर आने लगा है। तापमान में गिरावट से जहां जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।
छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। प्रदेश से सटे अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जहां ओस की बूंदें जमकर बर्फ में तब्दील हो गईं। इसका असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। बिलासपुर और बिलासपुर जिले में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।सुबह और देर रात ठंडी हवाओं के साथ कोहरा छाने सेलोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक,प्रदेश समेत बिलासपुर में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है,जबकि दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। सुबह-सुबह रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और खुले इलाकों में लोग अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर और ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
कड़ाके की ठंड का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। रायपुर और बिलासपुर के सरकारी अस्पताल और निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया, सर्दी-खांसी और वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों के अनुसार, नवजात और छोटे बच्चों में ठंड लगने का खतरा अधिक रहता है। लापरवाही बरतने पर कई मामलों में बच्चों को NICU और SNCU तक में भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है।
ठंड के कारण अस्पतालो की ओपीडी में रोजाना भारी भीड़ उमड़ रही है। मेडिसिन, पीडियाट्रिक और चेस्ट विभाग में सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि दिन-रात के तापमान में तेज अंतर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए खतरा बढ़ा रहा है।
शीतलहर को देखते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में है।शहर और जिले के प्रमुख चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जरूरतमंदों और राहगीरों को ठंड से राहत मिल सके।प्रदेश के साथ-साथ बिलासपुर जिला भी शीतलहर की चपेट में है। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है,ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।




