बिलासपुर ट्रेन हादसे में अनाथ हुए मासूम को सीनियर डीसीएम का सहारा, अनुराग कुमार सिंह ने उठाई ऋषि के परवरिश की ज़िम्मेदारी

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर ट्रेन हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। इसी हादसे में एक डेढ़ साल का मासूम ऋषि यादव अपने मां बाप और नानी तीनों को खो बैठा। मासूम बालक अस्पताल के बिस्तर पर ज़िंदगी की जंग लड़ रहा है, इस बीच इंसानियत की एक मिसाल सामने आई है, रेलवे के सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार सिंह इस मासूम की परवरिश की ज़िम्मेदारी उठाने सामने आए है।
बिलासपुर रेल हादसे में घायल डेढ़ साल का मासूम ऋषि यादव जिसके माता-पिता और नानी की मौत हो चुकी है वो इन दिनों अपोलो अस्पताल में भर्ती है। हादसे में ऋषि के परिवार में अब सिर्फ उसकी दादी और बुआ ही हैं। दादी की उम्र ज़्यादा है और बुआ की अभी शादी नहीं हुई है। दोनों सदमे में हैं। ऐसे में बच्चे की परवरिश को लेकर सवाल उठ रहा था। कि आखिर इस मासूम का भविष्य कौन संभालेगा? ऋषि की हालत देखकर हर किसी की आँखें नम हो रही हैं,लेकिन अब धीरे-धीरे लोग उसकी मदद के लिए आगे आने लगे हैं। कोई उसके इलाज में मदद कर रहा है, तो कोई उसकी शिक्षा और भविष्य की ज़िम्मेदारी उठाने की बात कर रहा है।
इसी कड़ी में बिलासपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार सिंह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ अपोलो अस्पताल पहुँचकर ऋषि के परिजनों से मिले और डॉक्टरों से विस्तार से बात की।अनुराग कुमार सिंह ने कहा कि बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया लंबी होती है, लेकिन अगर सब कुछ ठीक रहा तो वे इस मासूम को गोद लेकर उसका भविष्य संवारेंगे।
कहते हैं अच्छा काम करने वालों को दिखाने की ज़रूरत नहीं होती, रेलवे अधिकारी अनुराग कुमार सिंह की यह पहल सिर्फ एक बच्चे का नहीं, इंसानियत का भविष्य भी संवारने की दिशा में बड़ा कदम है।




