छत्तीसगढ़

वन्यजीव तस्करी का भंडाफोड़, विलुप्त प्रजाति पैंगोलिन बरामद, तीन तस्कर गिरफ्तार

गरियाबंद – जिले की देवभोग पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वन्यजीव तस्करी के एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए विलुप्त प्रजाति के वन्यजीव सालखपरी (पैंगोलिन) को ज़िंदा बरामद किया है।

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जानकारी के अनुसार, देवभोग पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से दो वाहन — एक सफेद रंग की मारुति कार (ओडी 08 10 7638) और एक मोटरसाइकिल (सीजी 05 सी 9151) में वन्यजीव की तस्करी कर उसे बेचने के लिए लाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने खुटगांव अंतरराज्यीय चेकपोस्ट पर घेराबंदी कर वाहनों को रोकते हुए तलाशी ली।

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जांच में पुलिस ने आरोपियों से एक जीवित सालखपरी और सालखपरी के स्केल (छाल) बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान —
भवतोष पात्र (ग्राम अरेबेटा, थाना कलमपुर, जिला कालाहांडी, ओडिशा)
गोरे बारिक (ग्राम रेगलपाली, थाना कलमपुर, जिला कालाहांडी, ओडिशा)
कौशल नागेश (ग्राम ठिरलीगुड़ा, थाना देवभोग, जिला गरियाबंद, छत्तीसगढ़) — के रूप में हुई है।

गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार पैंगोलिन विश्व के सबसे अधिक तस्करी किए जाने वाले और विलुप्तप्राय जीवों में से एक है। एशिया और अफ्रीका में हर साल हजारों पैंगोलिन अवैध रूप से पकड़े और मारे जाते हैं। चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई हिस्सों में इसके स्केल्स का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा और आभूषण बनाने में किया जाता है, जबकि इसका मांस अवैध रूप से डेलीकेसी के रूप में परोसा जाता है।गरियाबंद पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ एक दुर्लभ वन्यजीव की जान बची है, बल्कि अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह पर भी बड़ा प्रहार हुआ है।

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