छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय हुआ मानसून: भारी बारिश का अलर्ट, वज्रपात से सतर्क रहने की अपील

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई गई है। वहीं बस्तर संभाग और उससे लगे रायपुर संभाग के जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग, रायपुर केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, मानसून द्रोणिका इस समय औसत समुद्र तल पर दक्षिणी पाकिस्तान और उत्तर-पूर्व अरब सागर से होकर भुज, बनस्थली, आगरा, बाराबंकी, वाराणसी, डालटनगंज, रांची, दीघा होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके अलावा, दक्षिण ओडिशा और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर 3.1 किलोमीटर ऊँचाई तक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन दोनों सिस्टम के कारण राज्य में बारिश की गतिविधियाँ तेज हो रही हैं।
पिछले 24 घंटों की बात करें तो छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हुई है। दुर्ग जिले में कई जगह भारी वर्षा भी दर्ज की गई। प्रमुख वर्षा वाले क्षेत्रों में दुर्ग में 8 सेंटीमीटर, कटेकल्याण में 6 सेंटीमीटर, कुआकोंडा में 5 सेंटीमीटर, मनेंद्रगढ़ और पेण्ड्रारोड में 3 से 4 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।
तापमान के आंकड़े देखें तो बिलासपुर में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं, दुर्ग जिले का न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 11 सितंबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा होगी। वहीं, बस्तर संभाग और उससे लगे रायपुर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा और वज्रपात की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। खेतों में काम कर रहे किसान और खुले स्थानों पर मौजूद लोग वज्रपात से बचने के लिए सुरक्षित जगहों पर आश्रय लें। साथ ही, अगले तीन दिनों तक प्रदेशभर में वर्षा की तीव्रता और गरज-चमक की गतिविधियाँ और बढ़ सकती हैं।




