खबर का असर : ऑनलाइन रिश्वत लेने और झूठे आरोप में जेल भेजने के मामले में तहसीलदार सस्पेंड

(आशीष मौर्य संपादक) : सक्ति जिला अंतर्गत जैजैपुर तहसील में पदस्थ तहसीलदार नंदकिशोर सिन्हा के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। रिश्वत लेने, आदेशों में हेरफेर, और निर्दोष व्यक्ति को जेल भिजवाने जैसे मामलों में शिकायत के बाद संभागायुक्त सुनील जैन ने तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
पूरा मामला 15 मई से जुड़ा है, जब तहसीलदार ने अपने शासकीय आवास पर निजी ड्राइवर दुर्गेश सिदार के माध्यम से दिलीप कुमार चंद्रा से प्रकरण की दूसरी किस्त के रूप में अवैध राशि ली। इस लेन-देन का वीडियो बनाए जाने की जानकारी तहसीलदार को 17 मई को लगी। इसके बाद उन्होंने दिलीप पर दस्तावेज गायब करने का आरोप लगाते हुए बैकडेट में आदेशशीट बना दी, जबकि उस दिन पेशी ही निर्धारित नहीं थी।
इतना ही नहीं, 19 मई को ड्राइवर से दिलीप को तहसील कार्यालय बुलवाकर जैजैपुर पुलिस के माध्यम से धारा 151 के तहत जेल भेज दिया गया। तहसीलदार ने 15 मई को दस्तावेज गायब होने की बात तो लिख दी, लेकिन इसकी शिकायत 5 जून को दर्ज कराई, जिससे पूरी कार्यवाही पर सवाल उठ खड़े हो गए हैं।
अब सवाल यह है कि दस्तावेज वास्तव में गायब हुआ या नहीं, और किसने इसे छुपाया या हटाया? यह जांच का विषय है, लेकिन तहसीलदार की कार्यप्रणाली ने शासन-प्रशासन के सुशासन के दावों पर सवालिया निशान जरूर लगा दिया है।




