मरम्मत के लिए मिले 2 करोड़ से सिर्फ गड्ढे भरेंगे, डामरीकरण बरसात के बाद

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर की जर्जर सड़कों पर फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं दिख रही है। मरम्मत के लिए भले ही दो करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं, लेकिन बरसात से पहले सिर्फ गड्ढे ही भरे जाएंगे। डामरीकरण का काम अब मानसून के बाद यानी 15 अक्टूबर के बाद ही हो सकेगा।
इसके पीछे वजह है डामर प्लांट्स का बारिश में बंद हो जाना और समय से पहले आ रहा मानसून। टेंडर प्रक्रिया में देरी और जल्द शुरू होने वाली बारिश ने सड़क मरम्मत के पूरे शेड्यूल को उलट-पलट कर दिया है।
लोक निर्माण विभाग के अनुसार, शहर की कई मुख्य सड़कों की हालत बेहद खराब है। अशोक नगर, मंगला बस्ती, बलराम टॉकीज रोड, चांटीडीह, अपोलो रोड और नेहरू चौक से उसलापुर मार्ग जैसे क्षेत्रों में लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हल्की बारिश में ही अशोक नगर की सड़कें जलभराव से लबालब हो जाती हैं। पानी टंकी के पास सड़क इतनी बदहाल है कि सड़क की सतह तक नजर नहीं आती। तेज रफ्तार में गुजरने वाले वाहन अक्सर फंस जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक 1 के कार्यपालन अभियंता सीएस विंध्य राज ने बताया कि फिलहाल WMM यानी गिट्टी भरने का काम कराया जाएगा। डामर बिछाने का कार्य 15 अक्टूबर के बाद ही किया जा सकेगा। वहीं मंगला बस्ती से मंगला चौक वाली सड़क पिछले तीन सालों से डामरीकरण का इंतजार कर रही है, जो संभाग क्रमांक 2 के अंतर्गत आती है।
शहर की सड़कों पर सफर अभी आसान नहीं होगा जब तक बरसात थमेगी नहीं, तब तक डामर चढ़ेगा नहीं।
लोगों को फिलहाल गड्ढों से ही समझौता करना पड़ेगा।




