बिलासपुर

बीमा कंपनी के अड़ियल रवैये पर उपभोक्ता आयोग का कड़ा फैसला….अब तक की बड़ी राशि का आदेश.

(दिलीप जगवानी) : बिलासपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनियों की मनमानी पर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए बड़ा संदेश दिया है। आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि बीमा कंपनी ने पॉलिसी जारी करने से पहले स्वयं बीमित व्यक्ति के स्वास्थ्य जांच कराई है, तो बाद में उसी आधार पर बीमा क्लेम को खारिज नहीं किया जा सकता.

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बिलासपुर निवासी 61 वर्षीय कौशल प्रसाद कौशिक ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से बीमा पॉलिसी ली थी। कंपनी ने अपने सूची बद्ध दो अस्पतालो से उनकी पत्नी शैल कौशिक का मेडिकल टेस्ट कराया जिसके बाद पॉलिसी जारी की गई, लेकिन बाद पत्नी की कोविड से मौत हो गई. क्लेम के समय बीमा कंपनी ने टाल मटोल कर दावा खारिज कर दिया। प्रीमियम की राशि दस लाख लौटा दी.

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बीमा कंपनी के इस फैसले से आहत होकर पीड़ित ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ने उपभोक्ता के साथ सेवा में गंभीर कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार अपनाया है.आयोग ने अपने फैसले में कहा कि बीमा कंपनियां उपभोक्ताओं के भरोसे के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकतीं। यदि कंपनी ने पूरी जांच-पड़ताल के बाद पॉलिसी जारी की है, तो बाद में करार से मुकर नही सकती।इस फैसले को बीमा उपभोक्ताओं के हित में एक बड़ी जीत माना जा रहा है। जैसा की इस फैसले मे 90 लाख 9 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने साथ मे 25 हजार क्षतिपूर्ति देने कहा है.

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