बांग्लादेशी महिला भिलाई से गिरफ्तार, फर्जी पहचान के साथ रह रही थी भारत में…..

दुर्ग – पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अवैध अप्रवासियों की पहचान एवं निर्वासन के लिए गठित स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा की गई।
गिरफ्तार महिला की पहचान पन्ना बीबी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बांग्लादेश के जिला खुलना स्थित दीधीरपार, दौलतपुर की रहने वाली है। पन्ना बीबी पिछले लगभग 8 वर्षों से भारत में अवैध रूप से रह रही थी। वह बिना पासपोर्ट और वीजा के भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर कोलकाता पहुंची, जहां उसने खुद को ‘काकोली घोष’ बताकर सोनागाछी में पांच वर्ष तक निवास किया।
इसके बाद वह दिल्ली में एक वर्ष रही और फिर भिलाई आकर सुपेला नेहरू रोड स्थित सूरज साव के मकान में ‘अंजली सिंह’ के नाम से किराए पर रहने लगी। पूछताछ में पता चला कि उसने फर्जी आधार कार्ड बनवाकर अस्पताल में इलाज भी करवाया और अपनी पहचान को छिपाने का प्रयास किया।
एसटीएफ की टीम ने पन्ना बीबी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसके बांग्लादेशी होने की पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि वह IMMO ऐप के जरिए बांग्लादेश स्थित अपने परिजनों से लगातार संपर्क में थी।
पुलिस ने उसके खिलाफ विदेशी नागरिक अधिनियम 1946, पासपोर्ट अधिनियम 1920 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। इसके साथ ही मकान मालिक सूरज साव के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है, जिसने किरायेदार की जानकारी पुलिस को नहीं दी।
इस कार्रवाई में एसटीएफ प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश तिवारी, थाना प्रभारी विजय यादव, एसटीएफ के सउनि रमेश सिन्हा, पंकज चतुर्वेदी एवं संतोष गुप्ता की अहम भूमिका रही।




