मौसम अलर्ट : इन इलाकों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी….

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के लिए अगले 24 घंटों के लिए भारी वर्षा और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। उत्तरी छत्तीसगढ़ के ज़िलों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मौसम की मौजूदा स्थिति क्या है और किन क्षेत्रों पर इसका ज़्यादा असर पड़ेगा।
मौसम को प्रभावित करने वाला मुख्य कारण आंतरिक ओडिशा के ऊपर बना हुआ अवदाब (Depression) है।अवदाब की स्थिति: यह सिस्टम वर्तमान में आंतरिक ओडिशा के ऊपर है और 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।आगे की गति और कमज़ोरी: यह अवदाब पहले उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए आंतरिक ओडिशा को पार करेगा, और फिर उत्तर की ओर मुड़कर उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर पहुंचेगा।
इसके उत्तरी छत्तीसगढ़ पहुँचने के बाद, अगले 24 घंटों के भीतर इसके लगातार कमजोर होकर एक चिन्हित निम्न दाब के क्षेत्र में परिवर्तित होने की प्रबल संभावना है। अवदाब के केंद्र से एक द्रोणिका छत्तीसगढ़ से होते हुए उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश तक भी फैली हुई है, जो वर्षा की गतिविधियों को समर्थन दे रही है।
4 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा (Heavy Rainfall) होने की प्रबल संभावना है। गरज-चमक के साथ वज्रपात (बिजली गिरना) होने की संभावना है।
उत्तरी छत्तीसगढ़, जिसमें सरगुजा संभाग के ज़िले (जैसे सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर) और इससे सटे बिलासपुर संभाग के ज़िले शामिल हैं, वहाँ के निवासियों को भारी वर्षा और वज्रपात से जुड़ी संभावित समस्याओं के लिए तैयार रहना चाहिए।
5 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में वर्षा के वितरण और तीव्रता में लगातार कमी आने की संभावना है। दीर्घकालिक दृष्टिकोण (अगले 2 दिनों के बाद): इसके बाद भी प्रदेश में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने की संभावना बनी रह सकती है, लेकिन तीव्रता में गिरावट आएगी।
मौसम विभाग की इन चेतावनियों को देखते हुए, खासकर उत्तरी छत्तीसगढ़ के लोग 4 अक्टूबर को सुरक्षित स्थानों पर रहें और वज्रपात के समय खुले में जाने से बचें।




