सिम्स में ऑनलाइन सिस्टम ठप, अव्यवस्था ने मरीजों का हाल किया बेहाल, अधिकारी जिम्मेदारी से गायब.

(जयेन्द्र गोले) : बिलासपुर। सिम्स अस्पताल की ऑनलाइन व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, जिसके चलते मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल का जो सिस्टम कभी “डिजिटल हेल्थ” का दावा करता था, अब पूरी तरह ऑफलाइन मोड पर लौट आया है।
पर्ची कटाने से लेकर खून-पेशाब जांच, माइक्रोबायोलॉजी, रेडियोलॉजी, डायलिसिस, और एमआई रिपोर्ट तक सब कुछ ठप हो गया है। नतीजतन सभी काउंटरों पर अफरातफरी का माहौल है। जांच कराने आए मरीजों की लंबी कतारें इस कदर बढ़ गई हैं कि कई लोग थककर जमीन पर बैठ गए, कुछ ने तो अस्पताल के गलियारों में ही रोष जताया।
डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और रिपोर्ट मॉनिटर बंद पड़े हैं, जिससे मरीजों को पता ही नहीं चल पा रहा कि उनकी रिपोर्ट कहां और कब मिलेगी। स्वास्थ्य कर्मचारी भी परेशान हैं, उनका कहना है कि सिस्टम की खराबी से काम करना लगभग असंभव हो गया है।
प्रशासन की ओर से दावा किया गया था कि सारा सिस्टम ऑनलाइन होगा, मरीजों को होगी सुविधा, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट है। डिस्प्ले बोर्ड खामोश, मॉनिटर डेड, और काउंटरों पर हंगामा, यही सिम्स की तस्वीर बन गई है।
लोगों का कहना है कि जब हाईकोर्ट तक कई बार सिम्स की अव्यवस्था पर संज्ञान ले चुका है, तब भी कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे तक कई जगह बंद हैं, जिससे चोरी जैसी घटनाओं का भी खतरा बढ़ गया है।
अस्पताल प्रशासन के अधिकारी एयरकंडीशनर दफ्तरों में बैठकर निरीक्षण के दावे करते हैं, पर जमीनी हकीकत अलग है। सवाल यह है, जब सिम्स जैसे बड़े मेडिकल संस्थान की हालत ऐसी है, तो मरीज जाएं तो जाएं कहां?




