नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में मिल गई ये जिम्मेदारी

नीरज चोपड़ा दो ओलंपिक मेडल जीतने वाले पहले भारतीय जैविलन प्लेयर हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और जुनून के दम पर जैवलिन को भारत के घर-घर में फेमस किया है। टोक्यो ओलंपिक 2020 में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद पेरिस ओलंपिक में भी उनकी सफलता जारी रही और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। अब नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना द्वारा एक बड़ा सम्मान मिला है। उन्हें टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक प्रदान की गई है।
नीरज चोपड़ा को सम्मान देने की घोषणा रक्षा मंत्रालय द्वारा भारत सरकार की पत्रिका ‘गजट ऑफ इंडिया’ में की गई है। उनकी रैंक 16 अप्रैल 2025 से ही प्रभावी हो गई थी। इससे पहले नीरज के पास टेरिटोरियल आर्मी में सूबेदार का पद था। अब उन्हें प्रोमोशन मिल गया है।
टेरिटोरियल आर्मी मुख्य सेना की सेकेंड लाइन के रूप में कार्य करती है। इसके सदस्य आम लोग होते हैं, जो दूसरे पेशे से जुड़े होते हैं। टेरिटोरियल आर्मी के सदस्यों को ट्रेनिंग दी जाती है और इनकी आपदा और आपातकालीन स्थिति में सहायता ली जाती है। टेरिटोरियल आर्मी का मुख्य काम सेना को मदद करना होता है।
नीरज चोपड़ा बेंगलुरु में अगले हफ्ते प्रस्तावित एनसी क्लासिक टूर्नामेंट के स्थगित होने के बाद 23 मई को पोलैंड के चोरजोव में 71वें ओरलेन जानुस्ज कुसोसिन्सकी मेमोरियल टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। नीरज को एनसी क्लासिक में विश्व भर और भारत के कुछ अन्य स्टार खिलाड़ियों के साथ हिस्सा लेना था और उन्हें 24 मई को इस टूर्नामेंट की मेजबानी भी करनी थी लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के कारण इसे स्थगित कर दिया गया।




