छत्तीसगढ़ में मानसून की आहट, अगले 5 दिनों तक बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और मेघगर्जन का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश में गरज-चमक, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। साथ ही कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन के साथ तेज हवा और वज्रपात की गतिविधियां दर्ज की गईं। वहीं प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार सूरजपुर जिले के ओडगी में सबसे अधिक 5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा रामानुजनगर और प्रतापपुर में 2-2 सेंटीमीटर वर्षा हुई। जशपुर जिले के कांसाबेल में भी 2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। बलरामपुर, कोरबा, बलौदाबाजार और रायगढ़ जिले के कुछ क्षेत्रों में भी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में समुद्र तल पर मौसमी द्रोणिका पंजाब से लेकर बिहार तक हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होकर गुजर रही है। वहीं पूर्वी बिहार से दक्षिणी छत्तीसगढ़ तक समुद्र तल से करीब डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई पर एक द्रोणिका सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में नमी बढ़ी है, जिससे बारिश और मेघगर्जन की गतिविधियां बनी हुई हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। इसलिए लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
वहीं तापमान की बात करें तो प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान दुर्ग में 41 दशमलव 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 22 दशमलव 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी रायपुर के साथ बिलासपुर जिले के लिए मौसम विभाग ने 16 जून को आंशिक रूप से मेघमय आकाश, गरज-चमक, अंधड़ और बारिश की संभावना जताई है। रायपुर का अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से वज्रपात के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।




