सिम्स मे एक ऐसा विभाग जहां नही होता ईलाज, लाखों का वेतन पा रहे डाक्टर!!

(जयेन्द्र गोले) : बिलासपुर – संभाग का सबसे बड़ा और सबसे भरोसेमंद माने जाने वाला सिम्स अस्पताल जहां इलाज के नाम पर मरीजों को सिर्फ दिलासा दिलाया जाता है, सुविधाएं नहीं। हैरानी की बात ये है कि सिम्स अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग तो जरुरी मशीनें पूरी तरह से नदारद हैं।
सालों से फिजियोथेरेपी विभाग सिर्फ कागजों और नाम तक सीमित है।अगर किसी मरीज को फिजियोथेरेपी की जरूरत पड़ती है, तो डॉक्टरों के पास मशीनों से इलाज का कोई विकल्प नहीं होता। मजबूरी में मरीजों को सिर्फ शारीरिक योग क्रियाएं और फिजिकल एक्सरसाइज समझाकर भेज दिया जाता है। डॉक्टर साफ तौर पर मरीजों को बता रहे हैं कि गंभीर मामलों में यहां मशीनों के जरिए इलाज संभव नहीं है। ऐसे में उनको निजी अस्पतालों और प्राइवेट क्लीनिक का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल फिजियोथेरेपी उपकरणो कि भारी के कारण दूर-दराज़ से आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीज कहां जाएं, मशीनों की कमी से हड्डी, नस, लकवा, एक्सीडेंट और ऑपरेशन के बाद के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए बाहर इलाज कराना आसान नहीं है। यह पूरा मामला स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। करोड़ों रुपये के बजट और बड़े-बड़े दावों के बावजूद सिम्स जैसे बड़े अस्पताल में बुनियादी मशीनें तक उपलब्ध नहीं होना बेहद चिंताजनक है। जबकि इस विभाग मे पदस्थ चिकित्सक सहायक को मोटी रकम तनख्वाह के रूप मे हर महीने दी जाती है.
अब देखने वाली बात यह होगी कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कब तक आंखें मूंदे बैठा रहता है, या फिर मरीजों की पीड़ा को समझते हुए फिजियोथेरेपी विभाग को जरूरी मशीनें मुहैया कराई जाएंगी।




