बिलासपुर

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में वन कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, प्रभात मिश्रा पर दमन के आरोप, अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : छत्तीसगढ़ वन विभाग में कर्मचारियों की नाराज़गी अब खुलकर सामने आने लगी है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है…जहाँ कर्मचारियों के ऊपर लगातार मनमानी कार्रवाई और उत्पीड़न के आरोप लग रहे हैं। अब इन हालात को लेकर वन कर्मचारी संघ ने कड़ा रुख अपनाते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दे डाली है।

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मामला बिलासपुर वृत्त के मुख्य वनसंरक्षक प्रभात मिश्रा से जुड़ा है, जिन पर आरोप है कि वे कर्मचारियों के खिलाफ लगातार बिना वजह दमनकारी कार्रवाई कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि छोटे-छोटे मामलों को भी अनावश्यक रूप से उन्हें मानसिक रूप से परेशान और प्रताड़ित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ की जिला शाखा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई है। संघ के अध्यक्ष की ओर से जारी पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि अगर कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय को रोकने और उनके उत्पीड़न के मामलों पर विभाग द्वारा संज्ञान नहीं लिया गया, तो वे मजबूरन सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

 

संघ का आरोप है कि वन विभाग के भीतर लंबे समय से कर्मचारियों को बेवजह नोटिस और अनुशासनात्मक कार्रवाई का डर दिखाकर दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, संघ ने इस पूरे मामले की जानकारी ज़िला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और विभागीय अधिकारियों को भी दे दी है।

 

वन कर्मचारी संघ पदाधिकारियो का कहना है वह बार-बार अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कर्मचारियों पर लगातार दबाव डाला जा रहा है। यदि इस पर रोक नहीं लगी तो वह अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”

 

अब देखना होगा कि कर्मचारियों की इस चेतावनी के बाद प्रशासन और विभागीय अधिकारी किस तरह का कदम उठाते हैं। फिलहाल, संघ ने साफ कर दिया है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में वन विभाग का कामकाज पूरी तरह बंद कर दिया जायेगा

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