छत्तीसगढ़

कीचड़ में कंधों पर अंतिम सफर, विकास के दावों की खुली पोल….

सक्ती: जिले के ग्राम पंचायत सोंठी में विकास के दावों की पोल खोलने वाली शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। गांव की 60 वर्षीय कमलाबाई महंत का बीमारी से निधन होने के बाद ग्रामीणों को उनका शव अंतिम संस्कार के लिए करीब एक किलोमीटर तक कंधों पर उठाकर कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ा। रास्ता इतना खराब था कि वाहन तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। ग्रामीणों ने घुटनों तक कीचड़ पार किया और बोराई नदी पार कर शव को दफन स्थल तक पहुंचाया।

Advertisement

ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे फाटक से बोराई नदी तक करीब एक किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग वर्षों से की जा रही है। पंचायत द्वारा मनरेगा के तहत मिट्टी-मुरुम सड़क का प्रस्ताव जनपद पंचायत को भेजा गया है, लेकिन अब तक न तो स्वीकृति मिली और न ही निर्माण शुरू हो सका। बारिश के मौसम में हर बार यही रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

Advertisement

घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्राम पंचायत सचिव रामनारायण सिदार ने बताया कि सड़क निर्माण का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। वहीं, जिला पंचायत सीईओ वासु जैन ने कहा कि मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति को उजागर कर दिया है।

Related Articles

Back to top button