बिजली विभाग में चल रहा कमीशन का खेल, अपने पसंदीदा ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया के पूर्व ही अधिकारी ने ठेकेदार से कार्य सम्पन्न करा लिया

(आशीष मौर्य संपादक) : छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी किसी भी व्यापारिक प्रतिष्ठान या व्यक्ति विशेष की मांग पर उन्हें बिजली कनेक्शन प्रदान करने के लिए पूर्व निर्धारित सभी औपचारिकताओं जैसे कार्य का एस्टीमेट बनाना कार्य स्थल नक्शा बनाना उससे कंज्यूमर से शुल्क का भुगतान आदि की पूर्ति करने के पश्चात उस कार्य का टेंडर जारी करती है। उस टेंडर प्रक्रिया में इच्छुक व योग्य ठेकेदार प्रतिस्पर्धा करते हैं और इसके बाद जिस भी ठेकेदार द्वारा सबसे कम दर पर निविदा भरी गई होती है उसे उस कार्य का अलॉटमेंट किया जाता है।
परंतु कुछ समय से विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत के नतीजतन ये हो रहा है कि टेंडर की प्रक्रिया सिर्फ खानापूर्ति हो गई है। अधिकारियों द्वारा अपने पसंदीदा ठेकेदार से टेंडर प्रक्रिया के पहले ही कार्य को संपूर्ण करा लिया जाता है। फिर जब वह किया हुआ कार्य टेंडर प्रक्रिया में आता है तब अधिकारी द्वारा बाकी ठेकेदारों को सीधा चेतावनी देकर की उक्त काम मेरे द्वारा दूसरे ठेकेदार से संपन्न करा लिया गया है कोई भी इस टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा ना लें, ऐसा कहकर बाकी ठेकेदारों को चुप कराया जाता है।
*इसके ऐवज में अधिकारी अपने ठेकेदार से मोटा कमीशन वसूल करते हैं।*

इसी तारतम्य में टेंडर प्रक्रिया के तहत ठेका कम्पनी के द्वारा एक ऐसा कार्य ग्राम बकरकुदा मल्हार वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले एक प्रतिष्ठान SK ब्रिक्स एंड मैटेरियल्स जहां 3.16 लाख की लागत से बिजली कनेक्शन प्रदान करना था वह काम स्थल पर पहले से ही पूर्ण कर दिया गया है। पूर्व सहायक यंत्री मस्तूरी पंकज नरपाल के द्वारा ठेकेदार को 63kva का ट्रांसफार्मर भी दे दिया गया है.
जूनियर इंजीनियर से लेकर चीफ इंजीनियर तक पहुंचता है कमीशन का पैसा : टेंडर प्रक्रिया के पहले संबंधित संस्थान को ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराए जाने के मामले में जांच हुई तो करोड़ों का घोटाला आयेगा सामने।
मीटर भी नहीं लगा, चोरी की बिजली से चल रहा काम :-ऐश ब्रिक्स संचालक रानू टंडन को फायदा पहुंचाने सहायक यंत्री पंकज नरपाल ने यह पूरा खेल किया, विभाग को राजस्व की हानि पहुंचकर सहायक यंत्री ने अपनी जेब गर्म की,बताया जा रहा हैँ की जिस उद्योग को लाभ पहुंचाने सहायक यंत्री ने सभी नियम को बदल दिये, वहा बिजली चोरी कर काम शुरू कर दिया गया है.




