‘#ClickSafe – Staying Safe Online’ अभियान का शुभारंभ, साइबर सुरक्षा पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

जशपुर जिले में आज दिनांक 14 अप्रैल 2025 से ‘#ClickSafe – Staying Safe Online’ अभियान के अंतर्गत तीन दिवसीय साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण 14 से 16 अप्रैल तक जिला पंचायत स्थित मीटिंग हॉल में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को इंटरनेट की दुनिया में सुरक्षित रखना है।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह और एडिशनल एसपी अनिल सोनी की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। प्रशिक्षण का संचालन दिल्ली से आई YLAC संस्था की विशेषज्ञ शुभ्रा झा और ईशीता बागची द्वारा किया जा रहा है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि यह प्रशिक्षण इस जनजातीय क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने यूनिसेफ और पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना की। वहीं एसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से जिले में ‘साइबर योद्धा’ तैयार किए जा रहे हैं, जो प्रत्येक विकासखंड में जाकर साइबर जागरूकता का प्रचार-प्रसार करेंगे।
प्रथम दिवस के सत्र में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के वालंटियर्स, युवाओं एवं बाल संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ताओं को डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, पासवर्ड सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, पीड़ित व्यक्ति से संवाद, और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं।
कार्यक्रम के आगामी दो दिन (15 व 16 अप्रैल) को पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे साइबर अपराधों से अधिक प्रभावी ढंग से निपट सकें।
यह कार्यक्रम जशपुर पुलिस और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण में डॉ. राजीव रंजन तिग्गा (सहायक प्राध्यापक एवं NSS अधिकारी, बगीचा), हरिशंकर राम (साइबर सेल, जशपुर), तेजराम सारथी एवं देवेश सिंह (जिला समन्वयक), शालिनी गुप्ता (ब्लॉक समन्वयक), जय हो लीडर गुरुदेव प्रसाद सहित अनेक साइबर योद्धाओं ने सक्रिय भागीदारी की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि यूनिसेफ के सहयोग से जशपुर जिले में साइबर फ्रॉड की चुनौती से निपटने हेतु यह व्यापक प्रशिक्षण पहल शुरू की गई है। इससे साइबर सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।




