छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बारिश का रेड अलर्ट, अगले 4 दिन भारी बारिश के आसार

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत मौसम सिस्टम के चलते प्रदेश में अगले चार दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बिलासपुर संभाग समेत कई जिलों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और वज्रपात की चेतावनी दी है। लगातार बारिश से नदी-नालों के उफान पर आने और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका भी जताई गई है।

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मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब अवदाब में बदल चुका है और अगले 24 घंटे में इसके और मजबूत होकर गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है। इसी सिस्टम के असर से 26 से 29 जुलाई तक पूरे छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है।

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बिलासपुर संभाग के बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों में भी लगातार बारिश का दौर बना रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि यदि सिस्टम और मजबूत हुआ तो नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।

 

पिछले 24 घंटों में बसना में 15 सेंटीमीटर और सरायपाली में 12 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं कोरबा, धरमजयगढ़, मनेंद्रगढ़, कुनकुरी, बगीचा और पेंड्रा रोड समेत कई इलाकों में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय मानसून द्रोणिका और मध्य भारत के ऊपर बने सिस्टम के कारण प्रदेश में लगातार नमी पहुंच रही है, जिससे बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है।

 

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने तथा बिजली चमकने के समय खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने की अपील की है। प्रशासन को भी संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।कुल मिलाकर अगले 72 से 96 घंटे छत्तीसगढ़, खासकर बिलासपुर संभाग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेना और सतर्क रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय होगा।

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