बीजापुर में विकास और शांति की ओर एक और कदम, ग्राम डोडीतुमनार में नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की स्थापन

बीजापुर जिले में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और शांति की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। गंगालूर थाना क्षेत्र के ग्राम डोडीतुमनार में 4 नवंबर 2025 को नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की स्थापना की गई है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन की “नियद नेल्ला नार” योजना के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य है — ग्रामीणों को सुरक्षा के साथ-साथ बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना।
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस और संकल्प का परिचय देते हुए इस कैम्प की स्थापना सफलतापूर्वक पूरी की। यह न केवल सुरक्षा की दृष्टि से बल्कि विकास की दिशा में भी एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
यह कैम्प बीजापुर-गंगालूर-पीड़िया-तर्रेम मार्ग को जोड़ने की दिशा में एक अहम प्रगति है। इससे आसपास के गांवों को सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जोड़ा जा सकेगा।
सुरक्षा और विकास के इस समन्वय से स्थानीय लोगों को अब बिजली, पानी, सड़क, पीडीएस दुकानों, स्वास्थ्य सुविधाओं और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी जरूरतें आसानी से उपलब्ध होंगी। वहीं, माओवादी गतिविधियों पर भी नियंत्रण स्थापित करने में यह कैम्प अहम भूमिका निभाएगा।
पिछले दो वर्षों में बीजापुर जिले में कुल 44 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें से केवल वर्ष 2024 से अब तक 22 कैम्प शुरू हुए हैं। इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप अब तक 650 माओवादी आत्मसमर्पण, 196 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए और 995 माओवादी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।हाल ही में बस्तर संभाग में 210 माओवादियों द्वारा हथियारों सहित आत्मसमर्पण इस अभियान की बड़ी रणनीतिक सफलता मानी जा रही है।
नक्सल प्रभावित बीजापुर में डोडीतुमनार कैम्प की स्थापना सिर्फ सुरक्षा का नहीं, बल्कि विश्वास और विकास का प्रतीक है। यह कदम उन सुदूर इलाकों तक शासन की रोशनी पहुंचा रहा है, जहाँ पहले सिर्फ भय और असुरक्षा का साया था।




