मोस्ट वांटेड समेत एक दर्जन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, महाराष्ट्र–एमपी–छत्तीसगढ़ जोन नक्सलमुक्त

मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ का बड़ा इलाका अब नक्सली विहीन हो गया है। लंबे समय से मोस्ट वांटेड नक्सली रामधेर ने आखिरकार हथियार डाल दिए। बस्तर में चल रही आत्मसमर्पण की बयार अब पड़ोसी राज्यों तक पहुंच चुकी है।
देश के गृहमंत्री अमित शाह द्वारा 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। बस्तर में जारी लगातार मुठभेड़ों और बड़े पैमाने पर नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद अब महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में भी नक्सल नेटवर्क तेजी से ढह रहा है।
रविवार को महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़ (MMC) जोन में सक्रिय मोस्ट वांटेड सीसी मेंबर रामधेर मज्जी समेत एक दर्जन नक्सलियों ने राजनांदगांव पुलिस रेंज के खैरागढ़–छुईखदान में आत्मसमर्पण किया।
खास बात यह रही कि सभी नक्सलियों ने हथियारों के साथ सरेंडर किया।
सरेंडर करने वालों में शामिल हैं—
- सीसी मेंबर रामधेर मज्जी (AK-47),
- डिवीजनल कमांडर चंदू उसेंडी (कार्बाइन),
- ललिता, जानकी (INSAS),
- प्रेम (AK-47),
- एसीएम रामसिंह दादा (303),
- सुकेश पोट्टम (AK-47),
- पीएम लक्ष्मी, शीला (INSAS),
- पीएम सागर (SLR),
- पीएम कविता (303),
- पीएम योगिता (बिना हथियार)।
रामधेर मज्जी के आत्मसमर्पण के साथ ही महाराष्ट्र–एमपी–छत्तीसगढ़ जोन नक्सलमुक्त घोषित हो गया है।
सुरक्षा बलों के तेज और लगातार दबाव के कारण नक्सलियों में भगदड़ जैसी स्थिति है।
बस्तर में बसाव राजू, हिड़मा समेत कई शीर्ष नक्सली मारे जा चुके हैं और सैकड़ों नक्सली पहले ही हथियार डाल चुके हैं।सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि आने वाले महीनों में नक्सल समस्या का लगभग समूल नाश कर दिया जाएगा।




