प्रशासनिक सुस्ती:-सरकारी ज़मीन पर बनाई सड़क और नाली,शिकायत के एक महीने बाद भी कार्रवाई शून्य.

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ प्रशासन लगातार कार्रवाई के दावे तो कर रहा है, लेकिन धरातल पर तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। ताजा मामला कोनी क्षेत्र का है, जहाँ खसरा नंबर 309/3 की सरकारी जमीन पर कथित तौर पर सड़क और नाली बनाकर प्लॉट बेचे जाने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के बाद नगर निगम ने जांच के निर्देश दिए, मामला एसडीएम दफ्तर तक भी पहुंचा… लेकिन एक महीने बाद भी कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इस ढिलाई की वजह क्या है….
कोनी क्षेत्र के खसरा नंबर 309/3 की करीब एक एकड़ भूमि पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के प्लाटिंग का खेल चल रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि भू-माफियाओं ने करीब 18 डिसमिल शासकीय भूमि को कब्जा कर उस पर सड़क और नाली का निर्माण करा दिया और पूरी जमीन को कॉलोनी का स्वरूप देकर बेच दिया। नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से प्लॉटों की खरीदी-बिक्री जारी है।मामले की शिकायत जब नगर निगम पहुंची, तो उपायुक्त ने जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन हैरत की बात यह है कि एक महीना बीत जाने के बाद भी मौके पर कोई बुलडोजर या प्रशासनिक अमला नहीं पहुंचा।
अधिकारियों के इस रटे-रटाए जवाब के बाद अब स्थानीय लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कागजी जांच से आगे बढ़कर कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं। लोगों का कहना है कि अगर वक्त रहते कार्रवाई हो जाती, तो सरकारी जमीन की इस तरह खुली लूट को रोका जा सकता था।लगातार मिलती शिकायतों और दस्तावेजों के बावजूद कार्रवाई में देरी कई तरह के संदेह पैदा करती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासन सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं पर शिकंजा कस पाएगा, या फिर कागजी खानापूर्ति के बीच यह खेल यूं ही चलता रहेगा?




