जलभराव से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, NH-49 पर चक्का जाम, 150 से ज्यादा घर डूबे

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए आफत बन गई है। धूमा ग्राम पंचायत में जलभराव से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। रिमझिम बारिश के बीच सैकड़ों ग्रामीण राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी निकासी के लिए पुल नहीं बनाए जाने से हर साल बाढ़ जैसे हालात बनते हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया। इस बार हालात इतने खराब हैं कि 150 से ज्यादा घर पानी में डूब गए हैं और लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीण प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा, राहत सामग्री और पुल निर्माण की मांग पर अड़े रहे। चक्का जाम के चलते NH-49 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। धूमा ग्राम पंचायत में लगातार बारिश के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। गांव के कई मोहल्लों में पानी घरों के भीतर तक घुस गया है। करीब 150 से अधिक घर जलमग्न हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि घरों का सामान खराब हो गया है, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ रहा है और रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह ठप हो गई है। खेतों में भी पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। कई बार पुल और अतिरिक्त निकासी मार्ग बनाने की मांग की गई, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह है कि हर बारिश में पूरा गांव जलभराव की चपेट में आ जाता है। इस बार हालात ज्यादा गंभीर होने पर ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन का फैसला लिया।रिमझिम बारिश के बीच महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में NH-49 पर बैठ गए और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हाईवे पर जाम लगने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि जलभराव से प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा दिया जाए, राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए और पानी निकासी के लिए स्थायी रूप से पुल व ड्रेनेज की व्यवस्था की जाए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की।
अधिकारियों ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य करने की कोशिश की गई। लगातार बारिश से बिगड़ते हालात के बीच धूमा ग्राम पंचायत का यह प्रदर्शन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब देखना होगा कि प्रभावित ग्रामीणों को राहत और उनकी वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान कब तक मिल पाता है।




