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चार आरक्षकों पर वसूली का आरोप, एसएसपी के निर्देश पर जांच शुरू

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मस्तूरी थाना के चार आरक्षकों पर एक युवक से झूठे आबकारी मामले में फंसाने की धमकी देकर एक लाख रुपये वसूलने का आरोप लगा है। शिकायत के बाद एसएसपी ने जाँच के आदेश दिए। अगले ही दिन एएसपी ने थाना पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज चेक किया।

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युवक की शिकायत के बाद मस्तूरी थाना चर्चा में है। चकरभाठा के नगाराडीह निवासी समीर बंजारे ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर आरोप लगाया है कि थाने के चार आरक्षकों ने उसे हिरासत में लेकर आबकारी के गंभीर मामले में फंसाने की धमकी दी और बदले में बड़ी रकम की मांग की। शिकायत के मुताबिक 15 जून को समीर बंजारे को टिकारी गांव से उठाकर मस्तूरी थाना लाया गया। यहां पुलिसकर्मियों ने उसे महुआ शराब तस्करी के मामले में जेल भेजने की बात कही। युवक का आरोप है कि दबाव बनाकर उसके परिवार से पैसे मंगवाए गए और बाद में एक लाख रुपये लेने के बाद उसे छोड़ा गया। समीर का कहना है कि उसके पिता मनोज बंजारे थाने पहुंचे थे, जहां 84 हजार रुपये नकद दिए गए, जबकि बाकी 16 हजार रुपये नगद पुलिसकर्मियों को सौंपे गए। इसके बावजूद अगले ही दिन उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। शिकायत सामने आने के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने जांच की जिम्मेदारी ग्रामीण एएसपी मधुलिका सिंह को सौंपी। मंगलवार को एएसपी ने मस्तूरी थाना पहुंचकर घटना के दिन का सीसीटीवी फुटेज देखा। फुटेज में युवक थाने में मौजूद दिखाई दे रहा है, वहीं कुछ आरक्षकों की गतिविधियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं।

 

जांच टीम ने च्वाइस सेंटर संचालक से भी पूछताछ की है और बैंक खाते से पैसे निकाले जाने के समय का मिलान किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। युवक की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के सामने आने के बाद मस्तूरी थाना के कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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