बिलासपुर

जांच टीम का कारनामा, पालकों की सहमति लेकर ‘नारायणा ई-टेक्नो’ के अवैध कार्य को बनाया वैध…!

बिलासपुर। अवैध को वैध बनाने का कारनामा तो जिला शिक्षा विभाग के अफसर ही कर सकते हैं, पालकों की सहमति लेकर ये अफसर राज्य शासन के किसी भी आदेश को दरकिनार कर सकते हैं। ये हम नहीं कह रहे, बल्कि नारायणा ई-टेक्नो स्कूल के खिलाफ की गई जांच रिपोर्ट कह रही है। ताज्जुब की बात तो यह है कि शिकायत 246 पन्न ने की है और जांच रिपोर्ट सिर्फ दो पन्ने की। इस पर सवाल उठना लाजिमी है। हैरत की बात तो यह भी है कि 246 पन्ने की शिकायत की जांच करने का आदेश राज्य शासन ने जारी किया था, जिस पर भी जिला शिक्षा विभाग के अफसरों ने गंभीरता नहीं दिखाई है।

Advertisement

नेहरू नगर स्थित नारायणा ई-टेक्नो स्कूल के खिलाफ बीते शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव के पास 246 पन्ने में शिकायत हुई थी। शिकायत तीन दर्जन से अधिक बिंदु भी थे। इसे गंभीरता से लेते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने 28 जनवरी 2026 को बिलासपुर डीईओ को पत्र जारी कर जांच करने कहा और जांच के बाद रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। डीईओ विजय टांडे ने आनन-फानन नारायणा ई-टेक्नो स्कूल नेहरू नगर को पत्र जारी किया और शिकायत के संबंध में पक्ष मांगा। स्कूल प्रबंधन ने क्या पक्ष दिया है, यह तो जिला शिक्षा विभाग ने सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन जब नारायणा ई-टेक्नो स्कूल की कारगुजारियां मीडिया के सुर्खियों में आ गईं तो डीईओ टांडे ने पूरे मामले की जांच के लिए जिला शिक्षा विभाग में पदस्थ सहायक संचालक अजय कौशिक के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी। टीम में सदस्य के रूप में सेजेस कन्या बिल्हा के प्राचार्य चंद्रभान सिंह ठाकुर और समग्र शिक्षा बिलासपुर कार्यालय के सहायक कार्यक्रम समन्वयक रोहित भांगे को नामित किया गया। सहायक संचालक अजय कौशिक, प्राचार्य चंद्रभान सिंह ठाकुर और सहायक कार्यक्रम समन्वयक रोहित भांगे ने नारायणा ई-टेक्नो स्कूल नेहरू नगर की जो जांच रिपोर्ट सौंपी है, वह कम चौंकाने वाली नहीं है। रिपोर्ट में शिक्षा विभाग के अफसरों ने हर बिंदु पर नारायणा ई-टेक्नो स्कूल का बचाव करते नजर आ रहे हैं।

Advertisement

रिपोर्ट में जांच अधिकारियों ने साफ लिखा है कि नारायणा ई-टेक्नो स्कूल नेहरू नगर को जिला शिक्षा विभाग से 21 अगस्त 2025 से 21 अगस्त 2028 तक तीन वर्षों के लिए नर्सरी से 8वीं तक अंग्रेजी माध्यम के लिए अनंतिम मान्यता दी गई है। फिर यह भी बताया गया है कि स्कूल को कक्षा पहली से 12वीं तक के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए सीबीएसई से मान्यता मिल गई है। इसी मान्यता को ढाल बनाकर जांच अफसरों ने नारायणा ई-टेक्नो स्कूल नेहरू नगर की गड़बड़ी पर पर्दा डालने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जांच अधिकारी सहायक संचालक अजय कौशिक, प्राचार्य चंद्रभान सिंह और सहायक कार्यक्रम समन्वयक रोहित भांगे ने अंत में अभिमत दिया है कि नारायणा ई-टेक्नो स्कूल नेहरू नगर द्वारा विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई से प्राप्त मान्यता के अनुसार कोर्स का संचालन करते हुए पालकों की सहमति लेकर राज्य शासन द्वारा प्रस्तावित केंद्रीकृत परीक्षा में शामिल कराया जा रहा है। इस सहमति के आधार पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा केंद्रीकृत परीक्षा के ईतर अन्य विषयों की परीक्षा सीबीएसई परीक्षा प्रणाली के अनुसार ली गई है, जिससे विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ न हो। अतः विद्यालय प्रबंधन द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के नियम के अनुसार कार्य किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े जानकारों का कहना है कि सत्र 2024-25 और 2025-26 में नारायणा ई टेक्नो स्कूल को सीबीएसई से मान्यता ही नहीं मिली तो स्कूल में बच्चों को किस आधार पर सीबीएसई पाठ्यक्रम की पढ़वाई करवाई गई और किसी आधार पर बच्चों को सीबीएसई बोर्ड की मार्कशीट जारी की गई है। वे सवाल यह भी उठा रहे हैं कि क्या पालकों की सहमति देने मात्र से सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया जा सकता है। क्या पालकों की सहमति से सीबीएसई की मान्यता को एक साल पहले ही लागू किया जा सकता है।

 

पढ़िए जांच रिपोर्ट में क्या है : जांच प्रतिवेदनः जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर का आदेश क्रमांक / 3072/मान्यता अनु./2025-26 बिलासपुर दिनांक 13.03.2026 द्वारा नारायणा ई-टेक्नो स्कूल, वि.खं. बिल्हा, नेहरू नगर बिलासपुर का सीजी बॉल न्यूज पोर्टल दिनांक 17.03.2026 में चल रहे समाचार के आधार पर जांच कर प्रतिवेदन निम्नानुसार प्रस्तुत है-

 

 

आरोप के बिन्दु : 1. विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा 5वीं एवं 8वी के छात्रों को केन्द्रीकृत बोर्ड परीक्षा में शामिल कराया जा रहा है।

 

2. विद्यालय की मान्यता सी.बी.एस.ई. ना होकर सी.जी.बी.एस.ई. है परंतु संस्था द्वारा पालकों को दिग्भ्रमित कर सी.बी.एस.ई. का शुल्क लेकर अध्ययन कराया गया है। उपरोक्त विद्यालय में आरोप के बिन्दु के अनुसार उल्लेखित विषयों का परीक्षण/जांच करने 18 दिनांक 28.03.2026 को विद्यालय में उपस्थित हुए विद्यालय के समस्त अभिलेख पंजियों का परीक्षण किया गया। इसमें संस्था का मान्यता सोसायटी पंजीयन, दाखिल खारिज, यूडाईस पंजीयन शुल्क विवरण शामिल है। परीक्षण में निम्न तथ्य उद्घाटित हुआ-

 

1. नारायणा एजुकेशनल सोसायटी नेल्लोर के अधीन नारायणा ई-टेक्नो स्कूल अमेरी रोड नेहरू नगर, वि.खं. बिल्हा को जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर के पत्र क्र. / 10125 / मान्यता / 2025-26 बिलासपुर दिनांक 21.08.2025 द्वारा 21.08.2025 से 21.08.2028 तक तीन वर्षों के लि नर्सरी से 8वीं तक अंग्रेजी माध्यम के लिए अनंतिम मान्यता दी गई है।

2. विद्यालय को दिनांक 10.02.2026 को सी.बी.एस.ई. ने मान्यता क्र. / 3330553 द्वारा सीनियर सेकेण्डरी स्कूल एग्छ म कक्षा 1 से 12 तक के लिए 01.04.2026 से 31.03.2031 तक के लिए मान्यता दी गई है।

3. कक्षावार उपस्थिति पंजी अनुसार पंजीकृत बच्चों की संख्या सत्र 2025-26 में कक्षा नर्सरी से 7वी तक 246 है। जिसमें कक्षा 5वी में 29 बच्चें है और सभी केन्द्रीकृत परीक्षा में बैठ रहे हैं।

4. दाखिल खारिज पंजी में 238 पंजीकृत हैं जिनमें से 08 बच्चे बाहर से नारायणा के अन्य ब्रांच से आए हैं जिनका नाम अस्थाई प्रवेश पंजी में दर्ज है। सभी विद्यार्थियों का प्रवेश माह जून 2025 में लिया गया है। संस्थान द्वारा मान्यता संबंधी प्रक्रिया नवम्बर 2024 में कर लिया गया था एवं जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर द्वारा मान्यता पूर्व अस्थाई पंजीयन हेतु 1,00,000.00 (एक लाख रू. मात्र) का शुल्क निर्धारित किया गया। जिसे संस्थान द्वारा 21 अगस्त 2025 को एस.बी.आई. चालान संख्या 4521 द्वारा जमा किया गया।

5. संस्थान को मान्यता जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा कक्षा नर्सरी से 08वी तक अंग्रेजी माध्यम दिया गया है। (संलग्न- पेज नं.04) संस्थान को सी.बी.एस.ई. द्वारा मान्यता प्रदान किया गया है। दिनांक 01 अप्रैल 2026 से 31.03.2031 तक जारी दिनांक 19.11.20251

6. विद्यालय की प्रबंधन एवं विकास समिति 12 सदस्यों की बनी हुई है।

7. संस्थान में अध्ययनरत विद्यार्थियों का शुल्क सोसायटी के अकाउंट में ऑनलाईन जमा किया जाता है। संस्थान द्वारा विद्यार्थियों को सभी शैक्षणिक एवं भौतिक संसाधनो उपलब्ध कराया जा रहा है। विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के पालकों से शासन द्वारा निर्धारित / प्रस्तावित 5वीं एवं 8वी की परीक्षा में बैठाने से पूर्व सहमति ली गई है।

8. अध्ययनरत विद्यार्थियों को सी.बी.एस.ई पाठ्यक्रम के साथ-साथ राज्य शासन द्वारा केन्द्रीकृत परीक्षा हेतु विषयगत तैयारी करवाकर राज्य की केन्द्रीकृत परीक्षा में पालको की सहमति लेते हुए सम्मिलित कराया जा रहा है जिससे विद्यार्थियों को भविष्य में कोई तकनीकी रूकावट न हो।

अभिमत : संस्थान नारायणा ई-टेक्नो स्कूल, वि.खं. बिल्हा, नेहरू नगर बिलासपुर द्वारा विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सी.बी.एस.ई. द्वारा प्राप्त मान्यता के अनुसार कोर्स का संचालन करते हुए राज्य शासन द्वारा प्रस्तावित केन्द्रीकृत परीक्षा में शामिल करने हेतु पालकों की सहमति लिया जाकर केन्द्रीकृत परीक्षा में सम्मिलित कराया जा रहा है। इस सहमति के आधार पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा केन्द्रीकृत परीक्षा के ईतर अन्य विषयों का परीक्षा सी.बी.एस.ई परीक्षा प्रणाली के अनुसार लिया गया है। जिससे विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ न हो। अतः विद्यालय प्रबंधन द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के नियमानुसार कार्य किया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button