7 करोड़ के धान शॉर्टेज मामले में बड़ी कार्रवाई, DMO निलंबित….

कवर्धा जिले में सामने आए करीब 7 करोड़ रुपये के धान शॉर्टेज मामले ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस गंभीर मामले में जिला विपणन अधिकारी यानी डीएमओ अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रबंध संचालक, राज्य स्तर रायपुर द्वारा मीडिया में भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना बयान देने के आरोप में की गई है।
दरअसल वर्ष 2024–25 में किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान को चारभाठा स्थित संग्रहण केंद्र में रखा गया था। वर्ष 2026 की खरीदी से पहले जब पुराने धान का भौतिक सत्यापन किया गया, तो करीब 26 हजार क्विंटल धान की भारी कमी सामने आई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच समिति गठित की, जिसमें संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय की भूमिका संदिग्ध पाई गई और सीसीटीवी से छेड़छाड़ के साक्ष्य भी मिले। इसके बाद उन्हें पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब डीएमओ अभिषेक मिश्रा ने मीडिया के सवालों पर धान शॉर्टेज का कारण मौसम, चूहा और दीमक को बताया। इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। कांग्रेस और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए प्रदर्शन किए और कार्रवाई की मांग की। अंततः प्रबंध संचालक रायपुर ने भ्रामक बयान फैलाने का दोष मानते हुए डीएमओ अभिषेक मिश्रा को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।




