विधानसभा मे गूंजेगा शिक्षकों के पेंशन का मुद्दा, टीचर्स एसोसिएशन ने मुलाक़ात कर मांग पत्र सौंपा

(दिलीप जगवानी) : छत्तीसगढ़ में शिक्षक एलबी संवर्ग से जुड़ी पेंशन और सेवा शर्तों के मुद्दे को विधानसभा में उठाने की तैयारी है। जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू से छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर विस्तृत मांग पत्र सौंपा, जिस पर विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखने और बजट सत्र में मुद्दे उठाने का आश्वासन दिया है।
छत्तीसगढ़ में शिक्षक एलबी संवर्ग की वर्षों पुरानी मांगों को लेकर अब मामला विधानसभा तक पहुंचने वाला है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, ब्लॉक बम्हनीडीह एवं ब्लॉक जैजैपुर के पदाधिकारियों ने जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बालेश्वर साहू से मुलाकात कर शिक्षक संवर्ग से जुड़ी पेंशन, पदोन्नति, क्रमोन्नति और सेवा शर्तों से संबंधित मांगों को विधानसभा में उठाने का आग्रह किया है। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को इस संबंध में एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा।
विधायक बालेश्वर साहू ने शिक्षक प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे इन मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे और आगामी बजट सत्र के दौरान बजट भाषण एवं ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से विधानसभा में इस विषय को प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याएं वास्तविक हैं और सरकार को इन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से पेंशन निर्धारण से जुड़े मुद्दों को शामिल किया गया है। एसोसिएशन ने पूर्व सेवा अवधि को पेंशन गणना में शामिल करने की मांग की है। ज्ञापन में रमेश चंद्रवंशी (WPS 2255/2021), रामलाल डडसेना (WPS 2930/2021) सहित अन्य मामलों में उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसलों का हवाला दिया गया है, जिनमें स्पष्ट किया गया है कि पेंशन एक कल्याणकारी योजना है और यह सेवाओं के बदले दिया जाने वाला स्थगित पारिश्रमिक है। न्यायालय ने यह भी कहा है कि संविलियन से पूर्व दी गई दीर्घकालीन सेवाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि उच्च न्यायालय ने पेंशन निर्धारण में सेवा की निरंतरता, कार्य की प्रकृति, वेतन का स्रोत, प्रशासनिक नियंत्रण और संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 के तहत समानता के सिद्धांतों को अनिवार्य रूप से ध्यान में रखने के निर्देश दिए हैं।




