छत्तीसगढ़

प्रदेश में कड़ाके की ठंड, मौसम विभाग ने जारी की शीतलहर और कोहरे की चेतावनी

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – प्रदेश में ठंड ने अब पूरी तरह से जनवरी जैसा एहसास कराना शुरू कर दिया है। दिसंबर के आख़िरी दिनों में ही कड़ाके की सर्दी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट दर्ज की जा सकती है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में शीतलहर और कोहरे की संभावना जताई गई है।

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प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। दुर्ग संभाग में एक-दो स्थानों पर शीतलहर दर्ज की गई है। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया है।

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मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। प्रदेश के एक-दो पॉकेट में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं राजधानी रायपुर समेत बिलासपुर ओर अन्य जगहों में 26 दिसंबर को सुबह के समय धुंध छाए रहने की संभावना है। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

 

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार ठंड की मुख्य वजह ला नीना है, जिसके चलते पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़े हुए हैं।मौसम विशेषज्ञ डॉ. एच.पी. चंद्रा के अनुसार, आमतौर पर पश्चिमी विक्षोभ के आने से कुछ दिनों के लिए ठंड से राहत मिलती है, लेकिन इस बार विक्षोभ कम सक्रिय हैं और उन पर भी ला नीना का असर दिख रहा है। प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से कम होने के कारण वैश्विक मौसम प्रणाली प्रभावित हो रही है।

 

हालांकि हवा की दिशा में बदलाव के कारण न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन यह राहत अस्थायी मानी जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में रात की ठंड और तेज़ हो सकती है।प्रदेश में दिसंबर के अंत में ही जनवरी जैसी ठंड पड़ रही है और फिलहाल सर्दी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और ठंड से बचाव की सलाह दी जा रही है।

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