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सेंदरी में बनेगा 100 बिस्तरों का नया मेंटल हॉस्पिटल

(जयेन्द्र गोले) : छत्तीसगढ़ सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बिलासपुर के सेंदरी में एक और 100 बिस्तरों का नया मेंटल हॉस्पिटल बनाने की मंजूरी दे दी गई है। लगभग 22 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस अस्पताल के लिए सरकार ने पहली किस्त के रूप में 10 करोड़ रुपए भी जारी कर दिए हैं। नया भवन तैयार होने से प्रदेश के सैकड़ों मानसिक रोगियों को राहत मिलेगी।

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नए भवन के निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग—PWD—को सौंपी गई है। अस्पताल परिसर में ही आधुनिक मानकों के अनुरूप यह नई इमारत तैयार की जाएगी, जिसमें अधिक बिस्तर, विशेष वार्ड, काउंसिलिंग यूनिट, इमरजेंसी केयर और लंबे समय तक भर्ती रहने वाले मरीजों के लिए बेहतर व्यवस्था बनाई जाएगी।

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वर्तमान में सेंदरी का मेंटल हॉस्पिटल राज्य का इकलौता मानसिक चिकित्सालय है। 100 बिस्तरों की क्षमता होने के बावजूद यहां डेढ़ सौ से अधिक मरीज भर्ती हैं। जगह की कमी के कारण गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देकर भर्ती किया जाता है, जबकि कई बार दूर-दराज़ से आए रोगियों को वापस लौटना पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती मरीज संख्या और मानसिक स्वास्थ्य के गंभीर होते मामलों के बीच अस्पताल के विस्तार की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
सरकार द्वारा मंजूर 22 करोड़ की परियोजना प्रदेश की मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। नए भवन के तैयार हो जाने के बाद अधिक क्षमता वाले वार्ड उपलब्ध होंगे, नए विशेषज्ञों की नियुक्ति संभव होगी और आधुनिक ट्रीटमेंट सुविधाएँ मरीजों को बेहतर तरीके से प्रदान की जा सकेंगी।
अधिकारियों के अनुसार मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए भवन की डिजाइन इस तरह तैयार की जाएगी कि हॉस्पिटल का वातावरण सुरक्षित, शांत और उपचार के अनुकूल हो। नया अस्पताल मौजूदा बिल्डिंग से जुड़कर संचालित होगा, जिससे दोनों इकाइयाँ मिलकर एक बड़े मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के रूप में कार्य करेंगी।

राज्य के कई जिलों से आने वाले मरीज अक्सर महीनों तक यहाँ भर्ती रहते हैं। ऐसे में बिस्तरों की उपलब्धता, डॉक्टरों की संख्या और इलाज की गुणवत्ता को बढ़ाना सरकार की बड़ी प्राथमिकता रही है।
नए अस्पताल से न सिर्फ बिस्तरों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि मनोचिकित्सा, पुनर्वास थेरेपी और मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग जैसी सेवाएँ भी और बेहतर होंगी।

नया भवन तैयार होने के बाद मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में प्रदेश को बड़ी मजबूती मिलेगी। बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए यह प्रोजेक्ट समय की बड़ी जरूरत मानी जा रही है। फिलहाल PWD निर्माण कार्य की तैयारी में जुटा है और उम्मीद है कि जल्द ही इसका कार्य शुरू हो जाएगा।

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