स्मार्ट रोड पर ‘स्मार्ट ट्रैफिक’ फेल: बंद सिग्नल और अव्यवस्था से नेहरू नगर चौराहा बना एक्सीडेंट हॉटस्पॉट

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – शहर की ट्रैफिक व्यवस्था दिनों–दिन बिगड़ती जा रही है। अव्यवस्थित पार्किंग, सड़क किनारे ठेला–गुमटी और जगह-जगह लगने वाले जाम से शहर की रफ्तार थम-सी गई है। सबसे चिंताजनक तस्वीर सामने आई है हेमू पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी स्मार्ट रोड से… जहां करोड़ों रुपए खर्च कर बनाए गए सिग्नल सिर्फ शोपीस बनकर खड़े हैं।
सुबह 9 बजे से लेकर रात 10 बजे तक इस सड़क पर वाहनों की संख्या इतनी अधिक रहती है कि मामूली गलती भी बड़ा हादसा बन सकती है।
लोगों की शिकायत है कि सड़क चौड़ी है, लेकिन अव्यवस्था उससे भी ज्यादा चौड़ी। स्मार्ट रोड पर आधुनिक सिग्नल लगाए गए हैं, सेंसर सिस्टम भी लगाया गया है… लेकिन महीनों से ये सिग्नल बंद पड़े हुए हैं। चौराहे पर लाइट है, पोल है, पूरा सेटअप है—पर चल रहा कुछ नहीं। नतीजा… चारों तरफ से वाहन अपनी मर्जी से निकलते हैं। कौन रुकेगा, कौन पहले निकलेगा ये सब सड़क पर मौजूद वाहनों की समझदारी पर छोड़ दिया गया है। लेकिन जब ट्रैफिक की जिम्मेदारी समझदारी पर छोड़ी जाए… तो हादसे होना तय है। सबसे बिगड़ी स्थिति नेहरू नगर चौराहे की है।
यहां रोजाना छोटी-मोटी नहीं, बल्कि गंभीर दुर्घटनाएं हो रही हैं। तेज रफ्तार वाहन, जाम, और बिना सिग्नल के क्रॉसिंग…यह चौराहा अब शहर का एक्सीडेंट हॉटस्पॉट बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है यहां ट्रैफिक पुलिस तैनात रहती ही नहीं… सुबह-शाम तो हाल और भी खराब हो जाता है। सड़क के दोनों ओर बनी पैदल-पथ व पार्किंग स्पेस पर फिर से गुमटियां लगना शुरू हो गई हैं।सबसे बड़ी समस्या है जिम्मेदार विभागों की उदासीनता। ट्रैफिक पुलिस मौके पर नजर नहीं आती।
नगर निगम की एंटी-एन्क्रोचमेंट टीम महीनों से इस रोड पर नदारद है। कई बार शिकायतें भी की गईं, पर कार्रवाई सिर्फ कागज़ों में नजर आती है।
एक तरफ करोड़ों की लागत से स्मार्ट रोड बनाई गई दूसरी तरफ उसी रोड पर लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। जब तक जिम्मेदार विभाग सक्रिय नहीं होते, तब तक शहरवासी इस अव्यवस्था का खामियाजा भुगतते रहेंगे।




