बिलासपुर

तालाब में नहाने गए चार नाबालिग में दो लापता, रेस्क्यू जारी…..

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – महमंद ग्राम पंचायत के बेलभाठा तालाब में रविवार का छुट्टी का दिन एक भयावह हादसे में बदल गया। नहाने गए चार नाबालिग गहरे गड्ढे में फंस गए। ग्रामीणों ने दो बच्चों को तो बचा लिया, लेकिन दो किशोर अब भी लापता हैं। अवैध खुदाई से बने इस खतरनाक गड्ढे और SDRF की देर से पहुंचने को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। देर शाम तक रेस्क्यू चला, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

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रविवार सुबह करीब 11 बजे शिव विहार और अन्नपूर्णा कॉलोनी गणेश नगर के चार नाबालिग प्रियांशु सिंह, एम. उदयन, पी. साईं राव और टी. पवन नहाने के लिए बेलभाठा तालाब पहुंचे थे। पानी में उतरते ही सभी का पैर एक असामान्य रूप से गहरे गड्ढे में चला गया। तेज गहराई ने बच्चों को ऊपर आने का मौका ही नहीं दिया। ग्रामीण दौड़े और प्रियांशु व उदयन को सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन साईं राव और पवन पानी में लापता हो गए, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब में इतनी गहराई पहले कभी नहीं थी। पिछले पंचायत कार्यकाल में कथित तौर पर जेसीबी से अवैध खुदाई करवाई गई थी। इसी अत्यधिक गहराई वाला गड्ढा आज इस हादसे की वजह बन गया।

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हादसे के बाद राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। सरपंच प्रतिनिधि विक्की निर्मलकर ने पूर्व जनप्रतिनिधियों अनिल कैवट और नागेंद्र राय पर आरोप लगाया कि अवैध खुदाई उनके संरक्षण में हुई थी, और यह हादसा उसी लापरवाही का नतीजा है। वहीं पूर्व प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।

घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों और तोरवा पुलिस ने रस्सियों, नावों और मशालों से खोजबीन शुरू कर दी थी। परिजनों का आरोप है कि SDRF को समय रहते सूचना दे दी गई थी, लेकिन टीम काफी देर से पहुंची, और समय पर पहुंच जाती तो शायद बच्चों की जान बच सकती थी।

शाम करीब 4 बजे SDRF टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों के साथ तलाशी अभियान तेज किया। तालाब में अत्यधिक गहराई होने के कारण गोताखोरों को दिक्कतें आने लगीं। ग्रामीणों की मांग पर टीम ने ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ नीचे उतरकर सर्च किया, लेकिन शाम ढलने तक भी साईं राव और पवन का कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा बढ़ने पर टीम ने पोर्टेबल लाइट्स लगाकर देर शाम तक तलाश जारी रखी। अब उम्मीद है कि रात में पानी की स्थिति बदलने पर, या सुबह होने के बाद, रेस्क्यू टीम को कुछ सफलता मिल सकती है।

फिलहाल तोरवा पुलिस और SDRF टीम दोनों ही किशोरों की तलाश में जुटी हैं। बेलभाठा तालाब हादसा न केवल एक दुखद घटना है, बल्कि यह अवैध खुदाई, निगरानी की कमी और रेस्क्यू एजेंसियों की सुस्ती पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। इलाके के लोग बस यही दुआ कर रहे हैं कि दोनों बच्चे जल्द से जल्द मिल जाएं।

 

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