बिलासपुर

“वन भूमि संयुक्त सर्वेक्षण पर बिलासपुर में संभाग स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न”

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर में वन भूमि के संयुक्त सर्वेक्षण को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है। संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत यह कार्यशाला आयोजित की गई थी।

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बिलासपुर के वन चेतना केंद्र, सकरी में 31 जुलाई को ‘वन भूमि संयुक्त सर्वेक्षण’ विषय पर एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का संचालन संभाग आयुक्त सुनील जैन (भा.प्र.से.) के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें बिलासपुर संभाग के सभी राजस्व एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह कार्यशाला सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्ष 1996 में पारित गोदावर्मन जनहित याचिका के आलोक में आयोजित की गई, जिसमें पूरे देश की वनभूमि की पहचान और संरक्षण के निर्देश दिए गए थे।अधिकारियों को ग्राम-स्तर पर उपलब्ध वन भूमि की संयुक्त जानकारी संकलित कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए राजस्व और वन विभाग के बीच समन्वय की आवश्यकता को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।

 

मुख्य वन संरक्षक प्रभात मिश्रा और मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) मनोज पांडेय ने संयुक्त सर्वेक्षण की प्रक्रिया, फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याएं और उनके समाधानों पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल, वनमंडलाधिकारी विपुल अग्रवाल, सभी एसडीएम, एस.डी.ओ. (वन), परिक्षेत्र अधिकारी समेत दोनों विभागों के तमाम अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर सभी जिलों और वनमंडलों की अब तक की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अपने क्षेत्र में किए गए कार्यों और चुनौतियों को साझा किया।

 

इस तरह से वन भूमि के संरक्षण और सीमांकन को लेकर प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त पहल को आगे बढ़ाने की दिशा में यह कार्यशाला एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। उम्मीद की जा रही है कि इससे भविष्य में वन क्षेत्र से जुड़े विवादों और भ्रम की स्थितियों को कम किया जा सकेगा।

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