छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय, अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी….

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग ने उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताई है। वहीं, पूरे क्षेत्र में मध्यम से तीव्र वज्रपात और बादल छाए रहने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने छत्तीसगढ़ के और भी हिस्सों में दस्तक दे दी है। फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा – दीसा, इंदौर, पंचमढ़ी, मंडला, अंबिकापुर, हजारीबाग और सुपौल तक पहुंच चुकी है। पिछले 24 घंटे में बस्तर और सरगुजा संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई।
सिनोप्टिक सिस्टम दक्षिणी पश्चिम बांग्लादेश और उससे सटे गंगेटिक पश्चिम बंगाल में निम्न दबाव का क्षेत्र बना है, जिससे जुड़ा चक्रीय चक्रवात 7.6 किमी की ऊंचाई तक सक्रिय है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, जिससे आगामी दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। वहीं, गुजरात से लेकर झारखंड तक एक चक्रवाती परिसंचरण गर्त भी बना हुआ है जो छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रहा है।
कल यानी 18 जून के लिए पूर्वानुमान:
प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ भारी से अति भारी वर्षा और वज्रपात हो सकता है। अगले दो दिनों में एक-दो स्थानों पर तेज आंधी और वज्रपात,
तथा कई इलाकों में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों में भी फैलने के लिए पूरी तरह अनुकूल बना हुआ है।बिहार, झारखंड, ओडिशा और मध्य भारत के बड़े हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है।
राज्य में मानसून की मजबूत दस्तक के साथ ही लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषकर किसान, यात्री और खुले में कार्य करने वाले लोग मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लें।




