छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, आकाशीय बिजली व बारिश की चेतावनी

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : छत्तीसगढ़ में अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। 11 जून से प्रदेश में तेज हवाओं के साथ मेघगर्जन और वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में भी गिरावट का अनुमान है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की वर्षा दर्ज की गई। वहीं सोमवार को बिलासपुर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस तो राजनांदगांव में सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री दर्ज किया गया।
वर्षा के आँकड़ों की बात करें तो लोहंडीगुड़ा और बस्तर में एक-एक सेमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल मुंबई, आदिलाबाद, पुरी होते हुए बालुरघाट तक सक्रिय है। वहीं उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय ओडिशा क्षेत्र में ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो छत्तीसगढ़ के मौसम को प्रभावित कर रहा है।
प्रदेश में 10 जून को एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं।
कुछ क्षेत्रों में तेज़ हवाएं (30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार) चलने के साथ वज्रपात और अंधड़ की भी संभावना है।
11 जून से तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो सकता है, और 12 जून से वर्षा का क्षेत्र और भी ज्यादा व्यापक हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार 15 जून के आसपास पूरे प्रदेश में व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है, जिससे मॉनसूनी मौसम की शुरुआत मानी जा सकती है।
फिलहाल मौसम को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, विशेषकर वज्रपात और अंधड़ की स्थिति में। खेतों में काम कर रहे किसानों और खुले में रहने वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है।




