छत्तीसगढ़

2 हार्डकोर समेत 16 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण….

 

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सुकमा जिले से एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की सतत रणनीति और “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति-2025” के प्रभाव से कुल 16 सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 2 हार्डकोर नक्सली शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक पर 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित था।इन सभी नक्सलियों पर कुल मिलाकर ₹25 लाख का इनाम राज्य सरकार द्वारा घोषित किया गया था।

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यह आत्मसमर्पण सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, सीआरपीएफ के द्वितीय कमान अधिकारी विरेन्द्र कुमार खतवाल (226वीं वाहिनी), अति. पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स उमेश प्रसाद गुप्ता, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बिना हथियार के किया गया।

प्रमुख आत्मसमर्पित नक्सली:

  • रीता उर्फ डोडी सुक्की (महिला पीपीसीएम सदस्य, इनामी ₹8 लाख)
  • राहुल पुनेम (PLGA बटालियन, इनामी ₹8 लाख)
  • लेकाम लखमा (टीडी टीम सदस्य, इनामी ₹3 लाख)
  • तेलाम कोसा, सोड़ी चुला, डोडी हुर्रा (प्रत्येक पर ₹2 लाख का इनाम)
  • अन्य संघम, डीएकेएमएस, मिलिशिया व सीएनएम सदस्य भी शामिल

नक्सलियों ने पुलिस की बढ़ती मौजूदगी, सुरक्षा कैम्पों की स्थापना, तथा नक्सली संगठन की अमानवीय नीतियों और शोषण से परेशान होकर आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया।

सरकार की योजना से प्रोत्साहन:
छत्तीसगढ़ सरकार की “नियद नेल्ला नार” योजना और नई पुनर्वास नीति 2025 के तहत सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।

इस अभियान में जिला पुलिस बल, नक्सल सेल, RFT टीम, तथा CRPF की 218 और 226वीं बटालियन की आसूचना शाखा की अहम भूमिका रही।

पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने कहा कि यह आत्मसमर्पण आने वाले समय में क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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