छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक: दक्षिणी इलाकों में भारी बारिश, 30 मई से घटेगी वर्षा की तीव्रता

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी भाग पर बने गहन अवदाब के प्रभाव के चलते 29 मई को दक्षिणी छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। 30 मई से पूरे प्रदेश में बारिश में कमी आने के संकेत मिल रहे हैं। अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
सबसे अधिक अधिकतम तापमान रहा रायपुर में 37.7°C, जबकि न्यूनतम तापमान रहा जगदलपुर में 23.9°C। वर्षा के मुख्य आंकड़े जिसमे छोटेडोंगर, सुकमा, नानगुर, भनपुरी 5 सेमी, राजनांदगांव 4 सेमी, कोरबा, जगदलपुर, बकावंड, अंबागढ़ चौकी 3 सेमी, जबकि बलौदा, सकरी, डोंगरगांव, खड़गांव में 1 सेमी वर्षा दर्ज की गई।
दक्षिण-पश्चिम मानसून 29 मई को छत्तीसगढ़ के और हिस्सों में प्रवेश कर चुका है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहन अवदाब 22 किमी/घंटा की रफ्तार से उत्तर दिशा में बढ़ रहा है। इसके आज शाम तक और अधिक सक्रिय बने रहने के बाद धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है।
एक द्रोणिका रेखा दक्षिण-पूर्व राजस्थान से होकर छत्तीसगढ़, झारखंड होते हुए गहन अवदाब के केंद्र तक फैली हुई है, जो मौसम को प्रभावित कर रही है। साथ ही एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान के आसपास सक्रिय है।
30 मई को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा, जबकि कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज आंधी (50–60 किमी/घंटा), गरज-चमक और भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद, दो दिनों तक हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चल सकती हैं।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं। अगले 1-2 दिनों में मानसून पश्चिम बंगाल और बिहार के और हिस्सों तक पहुंच सकता है। 29 मई को बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब सागरद्वीप और खेपूपारा के बीच से होते हुए तट पार कर सकता है। फिलहाल मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन अच्छी बात यह है कि मानसून धीरे-धीरे प्रदेश में अपने पांव पसार रहा है।




