बिलासपुर मंडल के पाँच रेल कर्मचारियों को मिला ‘संरक्षा पुरस्कार

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – रेलवे में संरक्षित परिचालन सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसी दिशा में सतर्कता व सजगता से कार्य कर रहे कर्मचारियों को अब उनके योगदान के लिए विशेष सम्मान भी दिया जा रहा है।
बिलासपुर मंडल रेल प्रशासन द्वारा पाँच रेल कर्मचारियों को “संरक्षा पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है। इन सभी ने ड्यूटी के दौरान अत्यंत सजगता और तत्परता से कार्य करते हुए ट्रेन संचालन में संरक्षा को प्राथमिकता दी।
लोको पायलट बी.एस. बिरुवा और सहायक लोको पायलट विकास कुशवाहा ने उत्कल एक्सप्रेस में कार्य करते समय सतर्कता दिखाई, वहीं लोको पायलट एम.के. चौरसिया ने मेमू लोकल में सेवा देते हुए संरक्षा के उच्च मानदंडों का पालन किया।
इसके अलावा, लोको पायलट जे.एस. सेंगर और सहायक लोको पायलट रोमित वर्मा ने अपने कार्य के दौरान बगल से गुजर रही एक मालगाड़ी में हॉट एक्सल की गंभीर स्थिति को समय रहते पहचानकर तत्काल सूचना दी और एक संभावित दुर्घटना को टाल दिया।
इन कर्मचारियों की सक्रियता और समय पर लिए गए निर्णय से न केवल संरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित हुआ, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी बनी रही।
वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी साकेत रंजन द्वारा इन कर्मचारियों की अनुशंसा पर इन्हें प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
यह सम्मान 14 मई को मंडल रेल प्रबंधक राजमल खोईवाल द्वारा एक संरक्षा बैठक के दौरान प्रदान किया गया। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक योगेश कुमार देवांगन सहित सभी शाखाधिकारी भी उपस्थित रहे।
मंडल रेल प्रबंधक ने सभी सम्मानित कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि — “ऐसी सजगता ही रेलवे की असली ताकत है। हम सभी को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने कार्यक्षेत्र में पूरी निष्ठा से योगदान देना चाहिए।”




