प्रदेश भर से जुटे आयुर्वेद चिकित्सक और अधिकारी, लंबित मांगों और संघ के चुनाव पर किया मंथन

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर – न्यायधानी बिलासपुर में रविवार को छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ की प्रांतीय प्रतिनिधि साधारण सभा भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक माननीय धर्मजीत सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बिलासपुर के जल संसाधन विभाग स्थित प्रार्थना भवन में आज दोपहर 12 बजे छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ की प्रांतीय प्रतिनिधि सभा का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस सभा में प्रदेश भर से लगभग तेईस जिलों के प्रतिनिधि, चिकित्सक, जिला अध्यक्ष और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। इस आयोजन का उद्देश्य न सिर्फ संगठन के आगामी प्रांतीय चुनाव को संपन्न कराना है, बल्कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से जुड़े चिकित्सकों की लंबित समस्याओं को शासन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाना भी है।
समारोह के मुख्य अतिथि विधायक धर्मजीत सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने संगठन को मजबूती देने और अधिकारियों की समस्याओं को शासन स्तर पर उठाने का आश्वासन भी दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. प्रशांत कश्यप, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष ने की। उन्होंने बताया कि पूरे छत्तीसगढ़ में लगभग 1200 औषधालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सकों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। चाहे वो संविदा चिकित्सकों का नियमितीकरण हो, चार स्तरीय वेतनमान की मांग हो या समय पर वेतन भुगतान—इन सभी मुद्दों पर गंभीर चर्चा की जाएगी। संघ के संरक्षक डॉ. शर्मा ने कहा कि यह सभा न केवल संगठनात्मक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह प्रदेश भर के चिकित्सकों की भावनाओं और उम्मीदों को भी स्वर देगी।
छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ की प्रतिनिधि सभा का एक महत्वपूर्ण दिन, जहां संगठन के भविष्य की दिशा और चिकित्सकों की मांगों को लेकर व्यापक रणनीति बनाई गई। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक के जरिए आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को और मजबूती मिलेगी।




