EXCLUSIVE:-बिना टेंडर ट्रांसफार्मर लगाने का मामला,सहायक यंत्री पंकज नरपाल और ठेकेदार पुष्पराज शुक्ला को शोकॉज नोटिस जारी,लोकस्वर की खबर पर लगी मुहर

(आशीष मौर्य संपादक/मयंक सिंह क्षत्रिय) : बिलासपुर – मल्हार वितरण केंद्र के ग्राम बकरकुदा मे बिना टेंडर ट्रांसफार्मर लगाए जाने के की खबर लोकस्वर में दिखाए जाने के बाद, सीएसईबी के कार्यपालन निदेशक अलोक कुमार अम्बस्थ ने तत्कालीन सहायक यंत्री पंकज नरपाल और ठेकेदार पुष्पराज शुक्ला को शोकॉज नोटिस जारी किया है.
गौरतलब है की सहायक यंत्री पंकज नरपाल द्वारा ठेकेदार मेसेर्स पुष्पराज शुक्ला उनत्ति इलेक्ट्रिकल के साथ मिलकर एस ब्रिक्स एंड मैटेरियल को बिजली कनेक्शन देने के लिए कंपनी के नियमों को ताक पर रख दिया था. सहायक यंत्री ने विभाग को राजस्व की हानि पहुंचाते हुए बिना टेंडर के ही अपने चहते ठेकेदार पुष्पराज शुक्ला को चोरी छुपे ट्रांसफार्मर लगाने मौखिक आदेश दिया, और विभाग को राजस्व की हानि पहुंचाते हुए फरवरी माह में बकरकूदा मे एस ब्रिक्स एंड मटेरियल के यहाँ तार खींचकर खम्भा पहुंचा दिया, और ब्रिक्स प्लांट के लिए बिना अनुमति ट्रांसफार्मर लगा दिया.

मामले में जब कार्यपालन निदेशक आलोक कुमार अम्बस्थ ने ई विजिलेन्स CSEB सूर्यकांत जायसवाल को पूरी जांच का जमा दिया, और मामले की गंभीरता को देखते हुए एक दिन के भीतर रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिये.
जांच में पाया गया कि सहायक यंत्री पंकज नरपाल ने नियम कानून को तक में रखकर बिना टेंडर के ट्रांसफार्मर फरवरी माह में ही लगवा दिया. जबकि ट्रांसफार्मर के लिए सोमवार 24 मार्च को टेंडर ओपन होना था.लेकिन सहायक यंत्री ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नियम विरुद्ध ट्रांसफार्मर लगवा दिया.

सहायक यंत्री पंकज नरपाल का विवादों से रहा है नाता:- सहायक यांत्रिक पंकज नरपाल ने बिना एस्टीमेट क्षेत्र के 33 केवी लाइन को शिफ्ट करवाया था इसी मामले में विभाग ने सहायक यांत्रिक पंकज के ऊपर कार्रवाई करते हुए, उसका तबादला कर दिया था. बताया जा रहा है कि अपने कार्यकाल के दौरान सहायक यंत्री ने बहुत से ऐसे कार्य नियम विरुद्ध कराये हैँ. इसके दस्तावेज लोकस्वर के हाथ लगे हैं. जिससे जल्द ही पर्दा उठेगा.

ठेकेदार को भी जारी किया गया नोटिस :- दरअसल विद्युत विभाग में अपने चहते ठेकेदारों को उपकृत करने का कार्य किया जा रहा है. जो ठेकेदार ज्यादा रुपए अधिकारियों को चढ़ावा चढ़ता है, बैक डोर से उसे कम दे दिया जाता है. इस मामले में भी ऐसा ही हुआ, सहायक यंत्री पंकज नरपाल ने अपनी जेब गर्म करने, ठेकेदार मेसेर्स पुष्पराज शुक्ला उनत्ति इलेक्ट्रिकल को मौखिक आदेश दे दिया, और फरवरी माह में ही बिना टेंडर के ही पुष्पराज शुक्ला ने ट्रांसफार्मर लगा दिया. इस पूरे मामले में लोकस्वर में खबर दिखाए जाने के बाद सहायक यंत्री के साथ-साथ ठेकेदार को भी शोकॉज नोटिस जारी किया गया है.
बिजली ठेकेदारों में अधिकारियों के प्रति फैला आक्रोश:- बैक डोर से मौखिक आदेश पर कार्य लिए जाने के मामले में बिजली ठेकेदारों में अधिकारियों के प्रति आक्रोश फैल गया है.

सोमवार को लगभग दो दर्जन से अधिक ठेकेदारों ने बिजली विभाग का घेराव कर दिया. दरअसल बताया जा रहा है कि बिजली विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदारों से बिना वर्क आर्डर के काम तो करा लिया, लेकिन उन्हें 2 साल से भुगतान नहीं किया गया है. जिसके चलते ठेकेदारों में आक्रोश है.

ठेकेदारों का कहना है कि अगर विभाग उन्हें उनके काम के पैसे का भुगतान नहीं करता है तो, वे विभाग का काम नहीं करेंगे. सोमवार को इस मामले में कार्यपालन निदेशक ने सभी अधिकारियों की बैठक बुलाकर ठेकेदारों के पेंडिंग भुगतान को जल्द प्रदान करने निर्देश दिए हैं.




