“प्रगति का बजट”: सुरक्षा को मजबूती, 10 जिलों में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, NSG जैसी स्पेशल फोर्स और 3200 बस्तर फाइटर्स के नए पद

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में “प्रगति का बजट” पेश किया, जिसमें प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएँ की गईं। 10 जिलों में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन के लिए 3 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की तर्ज पर एक विशेष फोर्स गठित करने की भी योजना बनाई गई है। साथ ही, 3200 बस्तर फाइटर्स के नवीन पद सृजित किए जाएंगे, जिससे नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा।
बजट में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर बड़ा फोकस किया गया है।
10 जिलों में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स:
नशा और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए 3 करोड़ रुपए का प्रावधान।
विशेष टीमों को आधुनिक उपकरणों और ट्रेनिंग से लैस किया जाएगा।
NSG जैसी स्पेशल फोर्स:
उग्रवाद और आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए एक विशेष सुरक्षा बल का गठन।
अत्याधुनिक हथियारों और रणनीतिक ट्रेनिंग से लैस होगी यह फोर्स।
बस्तर फाइटर्स के 3200 नए पद:
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए 3200 नए पदों का सृजन।
स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
यह बजट राज्य में सुरक्षा को नई मजबूती देने का प्रयास है, जिससे न केवल अपराध पर लगाम लगेगी, बल्कि नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और स्थिरता भी आएगी।




