जच्चा-बच्चा की मौत, परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का लगाया आरोप

(उज्ज्वल तिवारी) : पेंड्रा जिले के मरवाही के खुरपा गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां प्रसव के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई। परिवारवालों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
दरअसल, खुरपा की रहने वाली बुधवरिया बाई (30 वर्ष) को प्रसव पीड़ा के चलते उप स्वास्थ्य केंद्र निमधा लाया गया था, जहां उसे 19 घंटे तक रखा गया। इस दौरान नवजात की मौत हो गई, लेकिन महिला की हालत बिगड़ने पर भी उसे समय रहते जिला अस्पताल रेफर नहीं किया गया। जब अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, तब जाकर उसे जिला अस्पताल भेजने की सलाह दी गई।
मृतिका की मां, सोमवारिया बाई ने बताया कि :
“अगर समय पर सही इलाज मिलता और मेरी बेटी को पहले जिला अस्पताल भेज दिया जाता, तो आज वो जिंदा होती। अस्पताल की लापरवाही ने मेरी बेटी और उसके बच्चे की जान ले ली।
परिजनों का आरोप है कि प्रसूता को सरकारी एंबुलेंस तक मुहैया नहीं कराई गई, जिसके चलते उन्हें निजी वाहन से जिला अस्पताल जाना पड़ा। वहां पहुंचने के बाद महज आधे घंटे के अंदर ही महिला ने दम तोड़ दिया।
डॉ. विपिन, जिला चिकित्सालय जीपीएम ने बताया कि : हमारे पास गंभीर स्थिति में हुए प्रसव महिला बुधवरिया बाई पति हरप्रसाद भैना उम्र 30 वर्ष, खुरपा को जिला अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया था जहां हमने जीवन रक्षक दवाइयां के साथ उसका इलाज शुरू कर दिया था जहां भर्ती एवं उपचार के 30 मिनट के बाद महिला की अस्पताल पर मौत हो गई।।




