छत्तीसगढ़

13 घंटे तक चली मुठभेड़ में, जवानों ने 12 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया, अत्याधुनिक हथियार बरामद

छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना की सीमा पर सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 हार्डकोर माओवादियों को ढेर कर दिया।

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यह मुठभेड़ 16 जनवरी को हुई, जिसमें 5 महिला और 7 पुरुष माओवादी मारे गए। बस्तर के आईजी पी. सुन्दरराज ने प्रेस वार्ता के दौरान इस ऑपरेशन की जानकारी दी।

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13 घंटे चली मुठभेड़

मुठभेड़ पामेड़, बासागुड़ा और उसूर क्षेत्र के जंगलों में हुई। यह इलाका माओवादी गतिविधियों का गढ़ माना जाता है। सुरक्षाबलों को मुखबिर से जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। इसके बाद तीन जिलों के हजारों जवानों ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया।

ऑपरेशन में डीआरजी सुकमा, डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा और सीआरपीएफ की 204, 205, 206, 208, 210 और 229 बटालियन शामिल थीं। जवानों और माओवादियों के बीच यह मुठभेड़ करीब 13 घंटे तक चली।

शव और हथियार बरामद

मारे गए नक्सलियों के शवों को जिला मुख्यालय लाया गया है। मारे गए नक्सलियों में PLGA बटालियन नंबर 1 और सेंट्रल रीजनल कमेटी (CRC) के सदस्य शामिल थे। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के शवों के पास से अत्याधुनिक हथियार और हथियार बनाने के उपकरण जब्त किए।

मुखबिर की सूचना से मिली सफलता

जवानों को सूचना मिली थी कि मारुड़बाका और पुजारीकांकेर के जंगलों में भारी संख्या में हथियारबंद नक्सली छिपे हुए हैं। इस पर सुरक्षाबलों ने बड़ी रणनीति के तहत इलाके की घेराबंदी कर ऑपरेशन को अंजाम दिया।

जवानों की कड़ी मेहनत से कामयाबी

मारे गए माओवादियों में कई बड़े नामों के होने की संभावना जताई जा रही है। शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। सुरक्षाबलों ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए माओवादी कंपनी सदस्यों का संबंध PLGA बटालियन से था, जो माओवादी गतिविधियों में अहम भूमिका निभाते हैं।

नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता

यह ऑपरेशन नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है। इस कार्रवाई से नक्सलियों के मंसूबों पर करारा प्रहार हुआ है। सुरक्षाबलों का कहना है कि यह ऑपरेशन नक्सलियों के लिए बड़ी चेतावनी है और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

आधुनिक हथियारों की जब्ती

मुठभेड़ स्थल से अत्याधुनिक हथियार और उपकरण बरामद हुए हैं, जिनका उपयोग नक्सली बड़े हमलों की तैयारी में करते थे। इस ऑपरेशन से न केवल नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है, बल्कि उनके हथियारों के जखीरे पर भी बड़ा प्रहार हुआ है।

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