बिलासपुर

एक तो जेल में बंद ऊपर से गम का समाचार बंदी से हो गया गुनाह…..

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(आशीष मौर्य) : केंद्रीय जेल बिलासपुर में गुरुवार सुबह मुलाकाती कक्ष में एक ऐसा वाक्या हुआ,की कुछ देर के लिए वहां हड़कंप मच गया. सरकंडा थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में जेल मे बंद चंटिडीह निवासी शाहरुख अली ने मुलाकाती कक्ष के काउंटर नंबर 10 मे लगे कांच को तोड़ दिया.

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बताया जा रहा है कि आरोपी शाहरुख अली की मां साबरी बेगम उससे मिलने आई हुई थी. तभी बहन की मृत्यु की खबर सुनकर शाहरुख अली अपना आपा खो बैठा, और उसने अपना हाथ कांच पर दे मारा. दरअसल इस घटना का मार्मिक पहलू यह है की जेल की चार दीवारी के बहार सब कुछ अच्छा लगता है,लेकिन जेल के भीतर भी बहुत सारी भावनाएं होती है जिसे बाहर निकलने का रास्ता भी नहीं मिलता. जो कभी कभार इस तरह से देखने को मिलता है.

हालांकि बंदी शाहरुख अली ने कांच तोड़कर जेल नियमों का उल्लंघन किया है, मगर जेल प्रबंधन को भी उसकी मार्मिक पहलू पर गौर करने की आवश्यकता है.

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