बिलासपुर

बिलासपुर में हाथी के हमले से महिला की मौत, दो बच्चे समेत तीन घायल….

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर के बैमा रोड स्थित खपराखोल गांव में गुरुवार तड़के जंगली हाथी के हमले ने फिर एक परिवार को उजाड़ दिया। बाड़ी में काम कर रही महिला को हाथी ने कुचलकर मार डाला, जबकि उसका 12 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। हाथी बाद में धुरीपारा पौंसरा गांव पहुंचा, जहां एक और ग्रामीण पर हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के बाद वन विभाग की देर से पहुंचने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

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बैमा रोड के खपराखोल गांव में गुरुवार सुबह 5 बजे अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब बैमा तालाब की ओर से एक जंगली हाथी गांव में प्रवेश कर गया। इस दौरान लेढ़वाराम यादव के घर में एक बड़ा हादसा हो गया। किसान लेढ़वाराम ने बुधवार को अपने खेत से धान की मिंजाई कराई थी और उसे रात में ही खुले आंगन में रखा था। उसी धान की रखवाली के लिए उनकी पत्नी कुमारी बाई (53) और 12 वर्षीय बेटा दुर्गाप्रसाद प्लास्टिक के टेंटनुमा आश्रय में सो रहे थे।

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हाथी ने अचानक आंगन में पहुंचकर वहां सो रही महिला और उसके बच्चे को बेरहमी से रौंद दिया। महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद हाथी आगे बढ़ते हुए धुरीपारा पौंसरा गांव पहुंचा, जहां उसने एक और ग्रामीण पर हमला कर घायल कर दिया।

घटना की सूचना मिलने के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, बिलासपुर रेंजर शुभम मिश्रा ने बताया कि हाथी फिलहाल लिम्हा–धोरामुड़ा जंगल की ओर मूव कर रहा है। उन्होंने कहा वनकर्मियों की टीम रातभर गश्त पर थी। हाथी नरगोड़ा और पन्या की ओर से होते हुए पौंसरा पहुंचा। एक महिला की मौत और दो लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है। घायलों में एक 14 वर्षीय बच्चा भी शामिल है। हाथी की लगातार ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग की जा रही है और आस-पास के गांवों में सतर्कता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।

लगातार बढ़ रहे हाथी आतंक से ग्रामीण सहमे हुए हैं। प्रशासन और वन विभाग पर लगातार सवाल उठ रहे हैं कि आखिर गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था क्यों नाकाफी साबित हो रही है। फिलहाल हाथी की मूवमेंट पर नज़र रखी जा रही है और प्रभावित गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

 

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