बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर हथियारों के साथ दो युवक गिरफ्तार

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात एक बड़ी अनहोनी टल गई, जब दो युवक फोल्डिंग बटनदार चाकुओं की खेप के साथ स्टेशन पहुंचे। लेकिन तारबाहर पुलिस की सतर्कता ने वक्त रहते दोनों को धर दबोचा। यह कार्रवाई न सिर्फ एक संभावित वारदात को रोक गई, बल्कि रेलवे की लचर सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोल दी।
शनिवार रात बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर तैनात तारबाहर पुलिस की एसीसीयू टीम को एक युवक की संदिग्ध गतिविधियां दिखीं। युवक की पहचान हुई सुमीत चौरसिया, निवासी गौरेला के रूप में। तलाशी में उसके बैग से दो खतरनाक फोल्डिंग बटनदार चाकू बरामद किए गए जिनकी लंबाई 8 इंच से ज्यादा थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म की ओर से एक और युवक संदिग्ध हालत में आता दिखा नाम था निखिल साहू, सरकंडा निवासी। उसकी तलाशी लेने पर पुलिस को उसके बैग से 8 धारदार फोल्डिंग चाकू मिले, जो 8 से 12 इंच तक लंबे थे। पुलिस भी इन हथियारों की संख्या और डिजाइन देखकर चौंक गई।पूछताछ में दोनों ने खुद को बाबा धाम यात्रा से लौटने वाला बताया लेकिन उनके पास न बिल था, न लाइसेंस और न ही कोई वैध दस्तावेज। तारबाहर थाना पुलिस ने तत्काल दोनों को गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।इस मामले में एसआई राम नरेश यादव ने बताया कि पुलिस की सजगता से एक संभावित वारदात टल गई, लेकिन खतरा अब भी बना हुआ है। क्योंकि स्टेशन पर कोई भी व्यक्ति बिना जांच के घातक हथियार लेकर अंदर आ सकता है।

अब बड़ा सवाल ये है कि जब ये युवक ट्रेन में हथियार लेकर चढ़े और उतरे, तो उन्हें कहीं कोई रोका क्यों नहीं गया? स्टेशन पर ना कोई स्कैनर, ना चेकिंग प्वाइंट और ना ही जीआरपी-आरपीएफ की नियमित गश्त। ऐसे में सवाल रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा उठता है। फिलहाल, स्टेशन का पुनर्विकास भले ही दीवारों पर चमक रहा हो, लेकिन जमीन पर सुरक्षा का तंत्र लगभग ध्वस्त नजर आ रहा है। अगर रेलवे ने जल्द चेतावनी नहीं ली, तो अगली चूक जानलेवा भी हो सकती है।




