बिलासपुर वनमण्डल क्षेत्र के जंगलों में फिर गूंजी बाघ की दहाड़

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर के जंगलों में एक बार फिर बाघ की दहाड़ सुनाई दे रही है। रतनपुर, कोटा और बेलगहना क्षेत्र में बाघ की बढ़ती हलचल से ग्रामीणों में दहशत है, वहीं वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
बिलासपुर के रतनपुर, कोटा और बेलगहना इलाके में बाघ की गतिविधियां दर्ज की गई हैं। ग्रामीणों द्वारा मवेशियों के शिकार और पगमार्क देखने की खबरें सामने आई हैं। इसके बाद वन विभाग ने निगरानी तेज कर दी है और जंगल में कैमरा ट्रैप लगाए हैं। रतनपुर रेंज के कंचनपुर गांव में बाघ के पंजों के निशान मिलने के बाद शुक्रवार रात नदी किनारे 8 ट्रैप कैमरे लगाए गए। कैमरों में कैद तस्वीरों से पता चला कि बाघ नदी पार कर दूसरे गांव की ओर बढ़ रहा है। इसी तरह कोटा और बेलगहना क्षेत्र में भी बाघ की मौजूदगी देखी गई है।
वन विभाग की टीम यह जांच करने में जुटी है कि यह बाघ अचानकमार टाइगर रिजर्व से बाहर आया है या किसी अन्य क्षेत्र से यहां पहुंचा है। अधिकारियों के मुताबिक, कोटा से लेकर रतनपुर और ATR तक बाघों की संख्या 14 तक पहुंच चुकी है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हमने बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी हुई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और जल्द ही बाघों के मूवमेंट और उनकी सटीक संख्या की जानकारी साझा की जाएगी।
बाघ की बढ़ती हलचल को देखते हुए वन विभाग अलर्ट मोड पर है। वहीं, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।




