रायगढ़

खाद के गड्ढे में दफन मिला था परिवार, पुलिस ने किया हत्याकांड का खुलासा, नाबालिग समेत 2 गिरफ्तार

रायगढ़ ज़िले के खरसिया इलाके में सामने आया है एक सनसनीखेज हत्याकांड। चार शव… बाड़ी के खाद गड्ढे से बरामद… और महज़ 48 घंटे में पुलिस ने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया। हत्या की वजह बनी चरित्र शंका और जमीन का विवाद। आरोपी और उसके साथ एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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11 सितंबर को ग्रामीणों ने खरसिया पुलिस को सूचना दी कि बुधराम उरांव के घर का दरवाज़ा अंदर से बंद है और भीतर खून के धब्बे दिख रहे हैं। जांच शुरू हुई तो बाड़ी के खाद गड्ढे से बरामद हुए बुधराम उरांव, उसकी पत्नी सहोद्रा और दोनों मासूम बच्चों अरविंद व शिवांगी के शव। पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

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रेंज आईजी डॉ. संजीव शुक्ला और एसपी दिव्यांग कुमार पटेल ने मौके पर कैंप किया और विशेष टीमों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। एफएसएल, डॉग स्क्वाड और बीडीएस की संयुक्त टीम ने साक्ष्य जुटाए। संदेह की सुई पड़ी पड़ोसी लकेश्वर पटैल पर। सख़्त पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

 

जांच में सामने आया कि लकेश्वर पटैल, राजमिस्त्री का काम करता है। जमीन विवाद और चरित्र शंका के चलते उसने बुधराम और उसके परिवार को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी ने बताया कि हत्या से पहले कई बार घर की रेकी की गई थी।9 सितंबर की रात आरोपी और नाबालिग ने सोए हुए परिवार पर धारदार हथियार से हमला किया। पहले शवों को घर में ही गाड़ने की कोशिश हुई लेकिन नाकाम रहे। इसके बाद लाशों को घसीटते हुए बाड़ी तक ले गए और खाद गड्ढे में दबा दिया।

 

आरोपी ने मौके पर ले जाकर पूरे घटनाक्रम को री-क्रिएट किया। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम पर हथियार, गैंती, फावड़ा और खून से सने कपड़े भी बरामद किए।रायगढ़ पुलिस की तगड़ी कार्रवाई और टीम वर्क से इस खौफनाक हत्याकांड का महज़ 48 घंटे में खुलासा हो गया। आरोपी और नाबालिग को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं आईजी और एसपी ने पूरी टीम को शाबाशी दी है और साफ संदेश दिया है कि जघन्य अपराध करने वालों को कड़ी सज़ा मिलेगी।

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