छत्तीसगढ़

धान खरीदी में अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस का हंगामा, शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग

रायपुर – विधानसभा में धान खरीदी में कथित अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने शून्यकाल के दौरान जोरदार मुद्दा उठाया। कांग्रेस की ओर से स्थगन प्रस्ताव लाकर इस विषय पर सदन में चर्चा कराने की मांग की गई।

Advertisement

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि प्रदेश में अभी तक करीब 5 प्रतिशत किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है। वन अधिकार पट्टा धारक किसानों का पंजीयन भी लंबित है। कई किसानों को समय पर टोकन नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे वे मानसिक दबाव में आकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।

Advertisement

डॉ. महंत ने आरोप लगाया कि सुखत काटने के नाम पर किसानों से 1 से 2 किलो धान की अतिरिक्त वसूली की जा रही है। वहीं धान का भुगतान भी समय पर नहीं हो पा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है।

इस पर बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष की बॉडी लैंग्वेज और आवाज से ऐसा नहीं लगता कि धान खरीदी में कोई गंभीर अव्यवस्था है।जवाब में डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं और धान खरीदी व्यवस्था में भारी गड़बड़ियां हैं, इसलिए स्थगन प्रस्ताव को ग्राह्य कर इस पर विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए।

कांग्रेस विधायकों संगीता सिन्हा, कुंवारसिंह निषाद, अटल श्रीवास्तव और उमेश पटेल ने भी धान टोकन समय पर नहीं कटने, टॉवर और नेटवर्क की उपलब्धता नहीं होने और अग्रिस्टेक पोर्टल के नाम पर किसानों को परेशान किए जाने का मुद्दा उठाया। विधायकों ने बताया कि सुबह 8 बजे टोकन प्रक्रिया शुरू होती है, लेकिन मात्र 3 मिनट में ही टोकन का समय समाप्त हो जाता है।

कांग्रेस ने एक स्वर में मांग की कि किसानों से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार कर सदन में चर्चा कराई जाए।

Related Articles

Back to top button