बिलासपुर

रेल हादसे से निपटने रेलवे और NDRF तैयार, शहडोल स्टेशन पर मॉक ड्रिल में रेस्क्यू ऑपरेशन का हुआ अभ्यास….

(भूपेंद्र सिंह राठौर) : बिलासपुर मंडल के शहडोल स्टेशन पर एक खास अभ्यास का आयोजन किया गया, जिसमें ट्रेन दुर्घटना की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। रेलवे की आपदा प्रबंधन टीम और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF ने इस मॉक ड्रिल के ज़रिए यह दिखाया कि किस तरह किसी भी आकस्मिक आपदा के समय तेजी से राहत पहुंचाई जा सकती है।

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घटना को वास्तविक रूप देने के लिए एक सवारी गाड़ी के कोच में बम विस्फोट की काल्पनिक सूचना प्रसारित की गई। बताया गया कि इस धमाके में एक यात्री की मौत हो गई, जबकि 14 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए और कोच में आग लग गई। सूचना मिलते ही RPF और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। डॉग स्क्वॉड की मदद से संदिग्ध पार्सल की जांच की गई और बम होने की पुष्टि होते ही उसे निष्क्रिय किया गया।

रेलवे की दुर्घटना राहत टीम, NDRF और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मिलकर मौके पर तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर गंभीर रूप से घायलों को एंबुलेंस के जरिए रेलवे अस्पताल पहुंचाया गया।
मंडल के सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि इस मॉक ड्रिल में यह भी दिखाया गया कि आग बुझाने के आधुनिक तरीकों, घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने और उन्हें प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया कैसे की जाती है।

इस मॉक ड्रिल की मॉनिटरिंग रेलवे मुख्यालय के वार रूम से अपर महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्षों द्वारा की गई, जबकि मंडल स्तर पर डीआरएम व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी तैयारियों पर पैनी नजर रखी।घटना की त्वरित जानकारी यात्रियों को देने के लिए बिलासपुर, अनूपपुर, उसलापुर, चांपा, रायगढ़ समेत सभी प्रमुख स्टेशनों पर हेल्प डेस्क और हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए। रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्थानीय नागरिकों को आपदा प्रबंधन के बारे में जागरूक किया। अधिकारियों ने राहत स्टाल, प्राथमिक उपचार केंद्र और पूछताछ केंद्रों का निरीक्षण भी किया।

संयुक्त अभ्यास में संरक्षा विभाग, NDRF, सिविल डिफ़ेंस, स्काउट-गाइड, सेंट जॉन्स एम्बुलेंस, वाणिज्य, चिकित्सा विभाग और RPF सहित कई विभागों के कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

 

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