बिलासपुर

अपात्रों को पदोन्नति, पात्रों के अधिकारों का हनन, संभायुक्त से शिकायत.

(जयेन्द्र गोले) : बिलासपुर – छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने तात्कालीन संयुक्त संचालक संभागीय स्वास्थ्य सेवाएं, बिलासपुर पर नियमों का उल्लंघन कर पदोन्नति देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरे मामले की जांच के लिए संघ ने संभागायुक्त से शिकायत दर्ज कराई है।

Advertisement

Advertisement

छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने शिकायत में आरोप लगाया है कि तात्कालीन संभागीय स्वास्थ्य संयुक्त संचालक ने नियमों को दरकिनार करते हुए अपात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया। वहीं, सीनियर पात्र ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों को पदोन्नति से वंचित कर दिया गया, जिसे संघ ने कर्मचारियों के मौलिक अधिकारों का हनन बताया है।

 

शिकायत के अनुसार, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक पुरुष एवं महिला की वरिष्ठता सूची में कथित तौर पर हेर-फेर कर अपात्र कर्मचारियों को लाभ पहुंचाया गया। इसके अलावा सहायक ग्रेड-3 से सहायक ग्रेड-2, जूनियर ऑडिटर, संगणक और कैशियर के पदों पर शासन के नियमों के विपरीत पदोन्नति दी गई। इतना ही नहीं, अपात्र ड्रेसर ग्रेड-2 को बिना विभागीय प्रशिक्षण मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट के पद पर पदोन्नत करने का भी आरोप लगाया है। एवं संघ ने यह भी आरोप लगाया कि बिलासपुर में बीईटीओ का पद नही होने के बावजूद दो महिला पर्यवेक्षकों को इस पद पर अवैध रूप से पदस्थ किया गया है। शिकायत में सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के सीधे उल्लंघन की बात कही गई है।

संघ ने विसंगतिपूर्ण वरिष्ठता सूची और अवैध पदोन्नति के तहत गोविंद राम पटेल, मोतीराम सिदार, अंतोश कुमार बंजारे, विनय भार्गव और लता कैवर्त्य के नामों का उल्लेख किया है। साथ ही यह भी आरोप है कि पदोन्नति आदेशों में वरिष्ठता क्रम और वास्तविक वरिष्ठता सूची में भारी विसंगतियां हैं, तथा बिलासपुर संभाग के बाहर से कर्मचारियों को अनुचित रूप से वरिष्ठता में ऊपर रखा गया।

संघ का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी पत्राचार किया गया, लेकिन तत्कालीन अधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं कर दोषियों को संरक्षण दिया गया। अब संघ ने संभागायुक्त बिलासपुर से जांच समिति गठित कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है, फिलहाल इस शिकायत के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और अब सबकी नजरें संभागायुक्त कार्यालय की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

वही जो पदोन्नतियां की गई तत्कालीन जे डी डॉ एस के तिवारी व डॉ सिसोदिया सहित स्थापना लिपिक के द्वारा साठगाठ कर पात्र योगीता धारियों को नजर अंदाज करते हुए कनिष्ठ लोगो को पदोन्नति दी गई और पदस्थापना में भारी लेने-देन कि शिकायतेभी हुई है अब इन सारे मामलों की सच्चाई दिखाएंगे अगले एपिसोड में

Related Articles

Back to top button